एलपीजी की कमी पर हाईकोर्ट सख्त, जनहित याचिका खारिज कर कहा यह कार्यपालिका का विषय
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एलपीजी की कमी पर जनहित याचिका की सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि यह मामला कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है और सरकार पहले ही स्थिति से निपटने के लिए कदम उठा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली में गैस सिलेंडर की कमी है।

नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने राजधानी में एलपीजी की कथित कमी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह कार्यपालिका के दायरे में आता है। उच्च न्यायालय इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि जब केन्द्र सरकार पहले से ही स्थिति से निपटने के लिए कदम उठा रही है। तब पीठ किसी प्रकार का आदेश जारी नहीं कर सकती। यह याचिका वकील राकेश कुमार मित्तल ने दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तु होने के बावजूद दिल्ली में एलपीजी की भारी कमी है, जिससे लोगों को गैस सिलेंडर लेने में कठिनाई हो रही है।
काला बाजारी में ऊंचे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। पीठ ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे सभी मुद्दे पूरी तरह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। पीठ ने यह भी कहा कि सरकार पहले से ही आपूर्ति व उत्पादन से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रावधान कर चुकी है।
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