दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 6565 बेड बड़ेंगे, नवजातों को असाध्य बीमारियों से बचाएगी अनमोल योजना
दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 137 करोड़ की वृद्धि की है। स्वास्थ्य क्षेत्र को कुल 13,030 करोड़ का बजट दिया गया है। नई योजनाओं में चार नए अस्पतालों का निर्माण, पांच अस्पतालों का विस्तार और नवजात बच्चों के लिए जेनेटिक बीमारियों की जांच शामिल हैं। इस पर 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य के बजट में पिछले वर्ष के मुकाबले 137 करोड़ की आंशिक बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, सरकार ने शिक्षा के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे ज्यादा 13,030 करोड़ बजट दिया है, जो कुल बजट का 12.57 प्रतिशत है। बजट में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़ाकर, चार नए अस्पतालों व पांच वर्तमान अस्पतालों के विस्तार की परियोजनाएं नए वित्त वर्ष में पूरी कर स्वास्थ्य का ढांचा मजबूत करने पर जोर दिया गया है। ये परियोजनाएं पूरी होने पर दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 6565 बेड बढ़ जाएंगे। साथ ही सरकार नवजात बच्चों को असाध्य जेनेटिक बीमारियों से बचाव के लिए अनमोल योजना शुरू करेगी।
अनमोल योजना पर 25 करोड़ रुपये खर्च होगा।ज्ञात हो कि कई बच्चे असाध्य जेनेटिक बीमारियों के साथ जन्म लेते हैं। बच्चों के बड़े होने के साथ बीमारी सामने आती है। तब तक देर हो चुकी होती है। नई योजना के तहत सरकारी व निजी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी नवजात बच्चों के खून के नमूने लेकर उसके एक बूंद से थैलेसीमिया सहित 56 तरह की जेनेटिक बीमारियों की जांच निशुल्क होगी। इससे शुरुआत में ही बीमारियों पता लगाकर इलाज हो सकेगा। दिल्ली में हर वर्ष तीन लाख से अधिक बच्चे जन्म लेते हैं।चार अस्पतालों के लिए 515 करोड़मादीपुर, सिरसपुर, हस्तसाल व ज्वालापुरी में अस्पताल का निर्माण पूरा करने के लिए इस वर्ष 515 करोड़ का बजट रखा गया है। इन अस्पतालों में कुल 3237 बेड होंगे। वर्तमान राव तुलाराम, बाबा साहब अंबेडकर व एलबीएस अस्पताल के विस्तार की परियोजना केंद्र सरकार की मदद से पूरी की जाएगी। लोकनायक अस्पताल, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल के विस्तार के लिए अधूरे पड़े निर्माण को भी इस वर्ष पूरा किया जाएगा। इससे 3328 बेड बढ़ जाएंगे। सात आईसीयू अस्पताल को पूरा करने के लिए भी 150 करोड़ का फंड रखा है।750 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुलेंगेदिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू हुए हैं। अगले वित्त वर्ष में 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुलेंगे। इसके लिए 1500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 11 एकीकृत लैब और नौ क्रिटिकल केयर ब्लॉक भी बनेंगे। ये योजनाएं पिछली बजट में भी शामिल थीं। जीटीबी अस्पताल में केंद्र की मदद से 200 करोड़ की लागत से नया ट्रॉमा सेंटर भी बनेगा जो दिल्ली का चौथा और यमुना पार का पहला ट्रॉमा सेंटर होगा। दिल्ली आयुष सोसाइटी के लिए 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे नए आयुष सेंटर खुल सकेंगे।दवाओं की कमी दूर होगीअस्पतालों में चिकित्सा उपकरण व दवा खरीद के लिए 787 करोड़ का फंड दिया गया है। इससे अस्पतालों में दवाओं व उपकरणों की कमी दूर होगी।ट्रांसजेंडर्स को मिलेगा आयुष्मान भारत का लाभदिल्ली में अब तक 7.50 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। अब ट्रांसजेंडर को भी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबीपीएमजेएवाई) का लाभ मिल सकेगा। एबीपीएमजेएवाई के लिए 202 करोड़ का प्रावधान किया गया है।इलाज अधिकार है, उपचार नहींमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इलाज अधिकार है, उपहार नहीं है। ट्रिपल इंजन की सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। केंद्र सरकार की मदद से ही मेडिकल की सीटें भी बढ़ाई जा रही हैं। दिल्ली में अभी एमबीबीएस की 595 व मेडिकल स्नातकोत्तर (पीजी) की 553 सीटें हैं। एमबीबीएस की सीटें बढ़ाकर 820 व पीजी की सीटें बढ़ाकर 762 की जाएंगी। इंदिरा गांधी अस्पताल में 50 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज शुरू होगा। दिल्ली में ब्लड बैंक व डोनर डिजिटल नेटवर्क से जुड़ेंगे। सरकारी व निजी अस्पतालों के आईसीयू के वेंटिलेटर बेड की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
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