दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई 11 मई तक टली
दिल्ली आबकारी नीति मामले में उच्च न्यायालय ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई 11 मई तक टाल दी है। याचिका में आप नेताओं को ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपमुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है। न्यायालय ने कहा कि नेताओं की ओर से कोई पेश नहीं हो रहा है और सोमवार को न्यायमित्र की नियुक्ति पर आदेश पारित होगा।

नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। उच्च न्यायालय ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई 11 मई तक टाल दी है। याचिका में आप नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक और अन्य को ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपमुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है।
सुनवाई की प्रक्रिया
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने कहा कि तीनों नेताओं की ओर से फिलहाल कोई पेश नहीं हो रहा है, इसलिए अदालत उनके प्रतिनिधित्व के लिए वरिष्ठ वकीलों की सहमति का इंतजार कर रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सोमवार को न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) की नियुक्ति पर आदेश पारित किया जाएगा और मंगलवार से मामले में विस्तृत बहस शुरू होगी। यह मामला दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
सीबीआई की याचिका
सीबीआई ने 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल, सिसोदिया समेत 21 आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के आदेश को चुनौती दी है। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी नोट किया कि अन्य आरोपियों विजय और अरविंद कुमार सिंह ने सीबीआई की याचिका की सुनवाई योग्यता को चुनौती देते हुए आवेदन दायर किए हैं।
सीबीआई का जवाब
सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एजेंसी इन आपत्तियों का जवाब दाखिल कर चुकी है और बहस के दौरान इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
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