Contaminated Water Claims Life of 6-Month-Old Avyan in Indore Family Rejects Government Compensation इंदौर दूषित पेयजल:::दस साल की मन्नतों के बाद पैदा हुआ था बच्चा, दूषित पानी से मौत, Delhi Hindi News - Hindustan
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इंदौर दूषित पेयजल:::दस साल की मन्नतों के बाद पैदा हुआ था बच्चा, दूषित पानी से मौत

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से छह महीने के अव्यान साहू की जान चली गई। परिवार ने सरकारी मुआवजा ठुकरा दिया, यह कहते हुए कि पैसा बच्चे से बड़ा नहीं है। अव्यान की दादी ने बताया कि उन्होंने 10 साल की प्रार्थना के बाद अव्यान को पाया था। दूषित पानी के कारण बच्चे को गंभीर संक्रमण हुआ था।

Fri, 2 Jan 2026 06:17 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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इंदौर दूषित पेयजल:::दस साल की मन्नतों के बाद पैदा हुआ था बच्चा, दूषित पानी से मौत

पीड़ितों में सबसे छोटा था छह महीने का अव्यान, परिवार ने सरकारी मुआवजा ठुकराया इंदौर, एजेंसी। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी ने छह महीने के अव्यान साहू की भी जान ले ली। मराठी मोहल्ले की संकरी गली में अब सन्नाटा पसरा है जहां किलकारियां गूंज रही थी। अव्यान को पूरे परिवार ने 10 साल की लंबी प्रार्थनाओं और मन्नतों के बाद पाया था। परिवार ने बताया कि पैकेट के दूध को पतला करने के लिए उन्होंने अनजाने में उसी सरकारी नल के पानी का उपयोग किया था, जिसमें प्रशासन की लापरवाही से जहर घुल चुका था। उस दूषित पानी ने मासूम अव्यान के शरीर में संक्रमण फैला दिया और देखते ही देखते खुशियां मातम में बदल गईं।

बच्चे की मौत पर सरकार का मुआवजा ठुकरा दिया है। सरकार ने मृतक व्यक्तियों के परिवारों को 2 लाख रुपये का अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। पैसा बच्चे से बड़ा नहीं अव्यान की दादी, कृष्णा साहू ने कहा कि हमने अभी तक राज्य सरकार से कोई मुआवजा नहीं लिया है। हमारा बच्चा चला गया। क्या मुआवजा उसे वापस लाएगा? पैसा बच्चे से बड़ा नहीं है। परिवार के अनुसार, अव्यान की मौत 29 दिसंबर को हुई थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने 10 साल की प्रार्थनाओं और मन्नतों के बाद अव्यान को जन्म दिया था। पूरे परिवार ने उसके जन्म के लिए प्रार्थना की थी और हुसैन टेकरी दरगाह में मन्नत मांगी थी। मेरी प्रार्थनाएं सुनी गईं, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि बच्चा इतनी जल्दी हमें छोड़कर चला जाएगा। कृष्णा साहू ने कहा कि बच्चा स्वस्थ था और उसका वजन पांच किलो बढ़ गया था। एक दिन, उसे अचानक दस्त होने लगे और डॉक्टर की सलाह पर, हमने घर पर ही दवाइयां शुरू कर दीं। हालांकि, उसकी हालत बिगड़ गई, और उसे एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पैकेट वाले दूध में पानी मिलाकर दिया था परिवार ने बताया कि मां का दूध कम होने के कारण, बच्चे को नगर निगम के नल के पानी में मिला हुआ पैकेट वाला दूध और दूध पाउडर दिया जाता था। साहू ने आरोप लगाया कि पानी दूषित था और बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ। पड़ोसी अनीता सेन ने कहा,मेरे घर में एक महीने की बच्ची, एक चार साल का बच्चा और एक 10 साल की लड़की है। अब सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दूषित पानी की वजह से किसी भी मां से उसका बच्चा न छीना जाए। पिछले नौ दिनों में भागीरथपुरा में उल्टी और दस्त से 1400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

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