फिल्म ‘जन नायकन’ विवाद : सेंसर बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर किया
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है कि अभिनेता विजय की फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज के संबंध में उसे सुने बिना कोई आदेश पारित नहीं होना चाहिए। मद्रास हाईकोर्ट ने सीबीएफसी को फिल्म का सेंसर प्रमाण पत्र देने का आदेश रद्द किया, यह फिल्म विजय की आखिरी फिल्म है।

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अनुरोध किया है कि अभिनेता विजय अभिनीत तमिल फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज के संबंध में उसे सुने बिना कोई आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए। ‘कैविएट’ के जरिए मामले से जुड़ा कोई पक्ष न्यायालय से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करता है कि उसे सुने बिना मामले में कोई आदेश पारित न किया जाए। मद्रास हाईकोर्ट ने 27 जनवरी को एकल न्यायाधीश के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सीबीएफसी को फिल्म को सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि सेना और धार्मिक भावनाओं से संबंधित कुछ संदर्भों पर विचार करने की आवश्यकता है।
मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की प्रथम पीठ ने कहा कि एकल न्यायाधीश, न्यायमूर्ति पीटी आशा को सीबीएफसी को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय देना चाहिए था। बताया जाता है कि यह फिल्म विजय की आखिरी फिल्म है, जिसके बाद वह राजनीति में पूरी तरह से कदम रखेंगे। वह नवगठित राजनीतिक दल तमिगा वेट्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख हैं।
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