भाजपा का महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर हमला
भाजपा का महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर हमला---------------------------देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात, इस्तेमाल की वस्तु नहीं है महिला- रविशंकर प्रसाद-कांग्रेस के 98 साल के अहसान के हश्र सबने देखा,...

भाजपा का महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर हमला-------------------------- -देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात, इस्तेमाल की वस्तु नहीं है महिला- रविशंकर प्रसाद-कांग्रेस के 98 साल के अहसान के हश्र सबने देखा, उसका क्रूर चेहरा सामने आया -स्मृति ईरानी----------------------------------नईदिल्ली। विशेष संवाददाताभाजपा ने कांग्रेस पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी महिला आरक्षण और राजनीतिक अधिकारों के मुद्दे पर भ्रम फैलाकर अपने पुराने रुख को छिपा रहे है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद व स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलने पर खुशी मना रहे हैं,जबकि विभिन्न दलों की महिला नेता दशकों से इसकी मांग कर रही थीं।
भाजपा ने दो टूक कहा कि वह इस मुद्दे को गांव-गांव तक लेकर जाएगी और इसका विरोध करने वालों को बेनकाब करेगी।भाजपा नेताओं ने संसद में नारी शक्ति के अपमान पर कांग्रेस, सपा, डीएमके एवं तृणमूल कांग्रेस पर जम कर हमला बोला। रविशंकर प्रसाद ने परिसीमन और जनगणना से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया कि सीटों का पुनर्समायोजन केवल परिसीमन के माध्यम से ही संभव है। स्मृति ईरानी ने कहा कि 33 फीसद महिला आरक्षण को लेकर भाजपा सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया पूरी कर इसे आगे बढ़ाया, जबकि कांग्रेस ने दशकों तक सत्ता में रहते हुए इसे लागू नहीं किया।स्मृति ईरानी ने कहा कि देश की महिलाओं के सामने कांग्रेस पार्टी ने 98 वर्ष का एक अहसान जताते हुए कहा है कि उसने एक ऐसा सपना सृजित किया था, जो महिलाओं को राजनीतिक अधिकार दिलाने की मंशा रखता है। ईरानी ने सवाल किया कि उस मंशा का 98 वर्षों में क्या हश्र हुआ, यह कल देश की संसद में देशभर की महिलाओं ने देखा। कांग्रेस पार्टी इठलाई, मुस्कुराई और मेज थपथपाई, इस बात का राजनीतिक जश्न मनाया गया कि साधारण महिला की राजनीतिक आकांक्षाओं को कुचला गया। सत्ता का संघर्ष और संसद का संघर्ष कैसे जीता जाए, उसी जश्न में कांग्रेस और उसके समर्थक दल स्वयं को समर्पित कर रहे थे, जबकि भाजपा के लिए यह सत्ता का संघर्ष नहीं, बल्कि समानता का अधिकार देने का प्रश्न था।ईरानी ने कांग्रेस के इस आरोप पर कि भाजपा में कुछ लोगों ने मसीहा बनने का प्रयास किया, ईरानी ने इसे उसकी सामंतवादी सोच की निशानी करार दिया ,जिसमें यह माना जाता है कि लोकतंत्र में यदि किसी नागरिक को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाया जाए, तो वह अधिकार सुनिश्चित करने वाला कोई मसीहा ही होगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं याद रखेंगी कि जब छह दशकों तक कांग्रेस के पास सत्ता रही, तब इस देश में 11 करोड़ महिलाएं शौचालय से वंचित थीं। कांग्रेस ने अपना क्रूर चेहरा देश की जनता के सामने उजागर किया है।पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रियंका गांधी के महिलाओं के इस्तेमाल किए जाने पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि क्या देश की नारी इस्तेमाल का विषय है? कांग्रेस पार्टी की एक महिला सांसद, जो उस प्रीमियर परिवार से आती हैं, ऐसी भाषा का प्रयोग कर रही हैं। जिस देश की नारी दुर्गा, काली, सरस्वती और लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाती है, जो भारत की आध्यात्मिक विरासत में माँ का प्रतीक है, उसे आज इस्तेमाल की वस्तु बताया जा रहा है।प्रसाद ने कहा कि जब से संविधान लागू हुआ है, तब से यह स्पष्ट है कि लोकसभा या विधानसभा की सीटों का कोई भी पुनर्गठन बिना परिसीमन के संभव नहीं है। इसका कारण यह है कि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होता है और यही जनसंख्या तय करती है कि किस राज्य को कितनी सीटें मिलेंगी। इसे लेकर उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख किया।---------------------------
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