2047 तक ‘नशा मुक्त भारत’ का लक्ष्य, ड्रग्स के खिलाफ भारत की ज़ीरो टॉलरेंस नीति -अमित शाह
2047 तक ‘नशा मुक्त भारत’ का लक्ष्य, ड्रग्स के खिलाफ भारत की ज़ीरो टॉलरेंस नीति -अमित शाहनई दिल्ली। विशेष संवाददाता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित आर. एन. काओ स्मृति...

2047 तक ‘नशा मुक्त भारत’ का लक्ष्य, ड्रग्स के खिलाफ भारत की ज़ीरो टॉलरेंस नीति -अमित शाह नई दिल्ली। विशेष संवाददाता
अमित शाह का बयान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित आर. एन. काओ स्मृति व्याख्यान 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वर्ष 2047 तक “नशा मुक्त भारत” बनाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रग सिंडिकेट्स को जड़ से खत्म करने के लिए रोडमैप तैयार कर लिया है और इस दिशा में काम शुरू हो चुका है।
ज़ीरो टॉलरेंस नीति
गृह मंत्री ने साफ कहा कि भारत की “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नशीले पदार्थों का एक ग्राम भी न तो देश के भीतर आए और न ही भारत की सीमाओं से बाहर जाए। उन्होंने कहा कि ड्रग्स केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर खतरा है।
ड्रग्स का खतरा
अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स से होने वाली कमाई आतंकवाद और संगठित अपराध को बढ़ावा देती है, वहीं नशे का सेवन युवाओं के शरीर और मानसिक स्वास्थ्य को स्थायी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुनिया के जिम्मेदार देश अभी एकजुट होकर कार्रवाई नहीं करेंगे, तो आने वाले वर्षों में स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
वैश्विक अभियान की आवश्यकता
उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट अभियान चलाने की अपील करते हुए कहा कि सभी देशों को प्रतिबंधित पदार्थों की समान परिभाषा, ड्रग तस्करी के लिए एक समान सज़ा और खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था पर सहमति बनानी होगी। गृह मंत्री ने कहा कि ड्रग कार्टेल देशों के अलग-अलग कानूनों और नीतियों का फायदा उठाकर अपना नेटवर्क फैलाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग
अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर देते हुए शाह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में भारत ने मित्र देशों के सहयोग से 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को वापस लाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग, सीमा-पार अभियान और समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है।
सामूहिक संकल्प की आवश्यकता
गृह मंत्री ने कहा कि “नशा मुक्त विश्व” केवल एक देश के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए सभी देशों को भू-राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक संकल्प के साथ काम करना होगा।
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