मुरथल से परांठे खाकर दिल्ली लौट रहे दोस्तों की कार डिवाइडर से टकराई, 2 की मौत, 5 घायल
दिल्ली से मुरथल के मशहूर परांठे खाने निकले 7 दोस्तों की गाड़ी सोनीपत शहर में नेशनल हाईवे पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में कार चला रहे युवक समेत दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी पांच घायल हो गए।

दिल्ली से मुरथल के मशहूर परांठे खाने निकले 7 दोस्तों की गाड़ी सोनीपत शहर में नेशनल हाईवे पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में कार चला रहे युवक समेत दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी पांच घायल हो गए।
मृतकों की पहचान बिलाल और उसके दोस्त विशाल के रूप में हुई है, जो दिल्ली के चांद बाग, भजनपुरा के रहने वाले थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
रात में लौटते समय बेकाबू हुई गाड़ी
मोहम्मद अकरम ने बताया कि उसका भतीजा बिलाल अपने छह दोस्तों के साथ रात करीब 1 बजे दिल्ली से मुरथल परांठे खाने के लिए निकला था। सभी दोस्तों ने मुरथल में खाना खाया और वापस दिल्ली लौटने लगे। मुरथल से लौटते समय जैसे ही उनकी कार सोनीपत के राई थाना क्षेत्र के पास पहुंची, अचानक गाड़ी बेकाबू हो गई और डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि कार चला रहे बिलाल और उसके दोस्त विशाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य पांच दोस्तों को हल्की चोटें आई हैं।
एक साल पहले हुई थी बिलाल की सगाई
25 साल के बिलाल की एक साल पहले ही सगाई हुई थी और जल्द ही उसकी शादी की तैयारी चल रही थी। हालांकि शादी की तारीख अभी तय नहीं हुई थी। बिलाल के पिता का वर्ष 2010 में हार्ट अटैक से निधन हो चुका है। परिवार में उसकी मां, भाई और बहन हैं, जिन पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
वहीं हादसे में 24 वर्षीय विशाल की भी मौत हो गई। परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशाल के परिवार में भी इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।
मुरथल के परांठे पड़ रहे जान पर भारी
मुरथल में परांठे खाने और पार्टी करने के चक्कर में एनसीआर के कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। ट्रैफिक नियमों का पालन न करने, शराब पीकर तेज रफ्तार में वाहन चलाने से अधिक हादसे हो रहे हैं। अधिकतर हादसे रात के समय होते हैं। हाईवे पर व्यस्त यातायात के बीच तेज रफ्तार हादसों का कारण बन रही है। पुलिस बेशक जागरूकता अभियान चलाती है और चालान काटती है, लेकिन फिर भी ऐसे हादसों में कमी नहीं आ रही है और युवाओं की जान जा रही है।
रिपोर्ट : मोनी देवी




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