दिल्ली में चला MCD का पीला पंजा, स्थानीय लोग बोले- बिना नोटिस दिए बुलडोजर लेकर आ गए
राज्य सरकार पर नाराजगी जताते हुए उस युवक ने कहा कि ‘सरकार को खुद सोचना चाहिए, जब सरकार ने खुद हमें बसाया है तो सरकार को उजाड़ने का कोई हक नहीं है। उजाड़ने से पहले कुछ ना कुछ व्यवस्था करनी चाहिए।’

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने उत्तरी दिल्ली के वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थानीय मछली बाजार के निकट मुख्य नाले पर से अतिक्रमण हटाने के लिए शनिवार को चार अन्य एजेंसियों के साथ अभियान चलाया। इस बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए यह अभियान चलाया गया, जिसमें एमसीडी के साथ दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड, रेलवे और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (IFC) विभाग शामिल थे।
अधिकारियों के अनुसार, नाले के ऊपर कई झुग्गियां बसा दी गई थीं, जिससे पानी के बहाव में बाधा आ रही थी और IFC विभाग के पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। क्षेत्रीय निगम पार्षद योगेश वर्मा ने कहा कि इन अतिक्रमणों के कारण नाले की मरम्मत और पुनर्विकास में दिक्कत आ रही थी।
उन्होंने बताया कि अदालत के निर्देश के बाद पांच विभागों ने मिलकर कार्रवाई करते हुए नाले को ढकने वाले हिस्सों को हटा दिया। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई की और लोगों को अपना सामान निकालने का पर्याप्त समय नहीं दिया। इस पर अभी तक एमसीडी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस अभियान को लेकर स्थानीय लोगों में बेहद गुस्सा देखा गया और उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था। एक शख्स ने कहा कि एक दिन पहले नगर निगम के लोग सर्वे करने आए थे और आज आकर अतिक्रमण तोड़ने का काम शुरू कर दिया। उधर इस कार्रवाई को लेकर किरारी के AAP विधायक अनिल झा ने भी अपनी नाराजगी जताई और भाजपा सरकार पर पूर्वांचली लोगों को निशाना बनाते हुए उनके खिलाफ अभियान छेड़ने का आरोप लगाया। वजीरपुर क्षेत्र में प्रवासी मजदूरों की एक बड़ी आबादी रहती है।
उधर कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए एक स्थानीय निवासी ने बताया कि 'मैं 20 साल से यहां रह रहा हूं, हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया, बस कल सर्वे करके गए थे और आज आकर बोलते हैं कि झुग्गियां तोड़ देंगे। ना हमें कोई नोटिस दिया गया, और ना घर से सामान निकालने के लिए टाइम दिया गया। पहले बोल रहे थे कि साइड-साइड का निकालेंगे, आगे का छप्पर वगैरह निकालेंगे, लेकिन फिर जैसे-जैसे उन्होंने देखा कि लोग धीरे-धीरे सामान हटा रहे हैं, तो एकसाथ 4-5 बुलडोजर लेकर आए और कार्रवाई शुरू कर दी।'
स्थानीय युवक बोला- कार्रवाई से पहले नोटिस तो देते
राज्य सरकार पर नाराजगी जताते हुए उस युवक ने कहा कि 'सरकार को खुद सोचना चाहिए, जब सरकार ने खुद हमें बसाया है तो सरकार को उजाड़ने का कोई हक नहीं है। उजाड़ने से पहले कुछ ना कुछ व्यवस्था करनी चाहिए। एक हफ्ते पहले, दो हफ्ते पहले, इतना तो बताना चाहिए ना। नोटिस चिपकाना चाहिए था, नोटिस दे देते आप कि इतने टाइम तक हमें हटाना है, तो हट जाते।'
AAP विधायक बोले- BJP के लिए पूर्वांचली सिर्फ वोट
इस कार्रवाई को लेकर विरोध जताते हुए किरारी से आम आदमी पार्टी के विधायक अनिल झा वत्स ने कहा कि 'BJP को पूर्वांचली समाज सिर्फ चुनाव के समय याद आता है, और चुनाव खत्म होते ही उन्हीं के घरों पर बुलडोजर चलाए जाते हैं। बिहारी होने पर गोली मार दी जाती है, वजीरपुर की कार्रवाई ने साफ कर दिया कि BJP के लिए पूर्वांचली सिर्फ वोट है, इंसान नहीं।'
वहीं वजीरपुर के पूर्व निगम पार्षद और AAP नेता विकास गोयल ने कार्रवाई के विरोध में कहा, 'बिहार–यूपी के लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाकर सत्ता का नशा दिखा रही है बीजेपी। वोट चाहिए तो “भाई-भाई”, और हक मांगा तो बुलडोजर तैयार।'
भाकपा माले ने कार्रवाई को लेकर भाजपा पर साधा निशाना
उधर इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए भाकपा (माले) ने कहा कि 'देश द्वारा ‘मजदूर दिवस’ मनाए जाने के ठीक एक दिन बाद ही, मोदी-BJP के बुलडोजरों ने दिल्ली के वजीरपुर में गरीब मजदूर परिवारों के घरों को बिना किसी पूर्व चेतावनी के ढहा दिया—जिससे उनकी जिंदगी, रोजी-रोटी और सालों की मेहनत-मशक्कत पल भर में मलबे में तब्दील हो गई।'
कार्रवाई को लेकर अपना विरोध जताते हुए AICCTU श्वेता राय ने कहा कि 'बेहद शर्मनाक है कि आज सुबह-सुबह वजीरपुर के अंदर फिर से बुलडोजर चल रहा है। कुछ दिन पहले भी यह कहकर कि रेड लाइट नहीं दिख रहा है, बुलडोजर चलाकर लोगों के घर तोड़े गए थे। आज फिर से बिना किसी नोटिस के, बिना किसी पूर्व सूचना के सुबह-सुबह पुलिस आती है और कहती है कि झुग्गी तोड़ी जाएगी। नाले तोड़ने के नाम पर लोगों के अंदर तक घर तोड़े जा रहे हैं। यहां पर रेलवे प्रशासन मौजूद है, यहां पर दिल्ली पुलिस मौजूद है, यहां पर एमसीडी मौजूद है, और तीनों मिलकर बहुत बेरहमी से लोगों के घर तुड़वा रही हैं। लोगों को उनका सामान तक निकालने नहीं दिया जा रहा है।'
प्रशासन पर बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई करने का आरोप
भाकपा नेता ने आगे कहा, 'ये शर्मनाक है कि दिल्ली शहर के अंदर लगातार बुलडोजर के हमले चल रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि दिल्ली में अब बुलडोजर नहीं चलेगा, लेकिन हम देख रहे हैं कि फिर से दिल्ली सरकार, फिर से मोदी सरकार, फिर से एमसीडी प्रशासन और फिर से रेलवे प्रशासन मिलकर वजीरपुर के गरीब लोगों की झुग्गियां इस चिलचिलाती गर्मी में बिना किसी नोटिस के, बिना उनके पुनर्वास के और बिना किसी मदद के तोड़ रहे हैं।'
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