Maneka Gandhi Said Supreme Court judgement was given in anger on Stary Dogs गुस्से में लिया गया फैसला है; आवारा कुत्तों पर SC के आदेश पर मेनका गांधी; बताया क्या है दिक्कत, Ncr Hindi News - Hindustan
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गुस्से में लिया गया फैसला है; आवारा कुत्तों पर SC के आदेश पर मेनका गांधी; बताया क्या है दिक्कत

दिल्ली एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना करके हुए पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने इसे गुस्से में लिया हुआ फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इतने सारे कुत्तों को रखने के लिए जगह है ही नहीं।

Tue, 12 Aug 2025 02:42 PMAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, एएनआई
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गुस्से में लिया गया फैसला है; आवारा कुत्तों पर SC के आदेश पर मेनका गांधी; बताया क्या है दिक्कत

दिल्ली एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना करते हुए पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने इसे गुस्से में लिया हुआ फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इतने सारे कुत्तों को रखने के लिए जगह है ही नहीं। मेनका गांधी ने इस तरह के आदेश को लागू करने के लिए सुविधाओं की कमी की ओर इशारा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कुत्तों को शिफ्ट करने के लिए सरकार को कम से कम 3000 शेल्टर होम और 1.5 लाख से ज्यादा सफाई कर्मचारियों की जरूरत है।

मेनका गांधी नेदिल्ली में एक भी सरकारी शेल्टर होम नहीं है। आप कितने आश्रय स्थलों में 3 लाख कुत्ते रखेंगे? आपके पास तो एक भी नहीं है। इन शेल्टर को बनाने के लिए आपको कम से कम 15 हजार करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। आपको उन जगहों पर 3000 शेल्टर ढूंढ़ने होंगे जहां कोई नहीं रहता। आप इतनी सारी जगहें कैसे ढूंढ़ेंगे? यह दो महीने में नहीं हो सकता। आपको सिर्फ सफाई कर्मचारियों के तौर पर 1.5 लाख लोगों को नियुक्त करना होगा, जिस पर भी करोड़ों रुपये खर्च होंगे।

उन्होंने कहा, यह कोई कार्य करने योग्य आदेश नहीं है। यह किसी नाराज व्यक्ति द्वारा दिया गया एक बहुत ही अजीब फैसला है। गुस्से में लिए गए फैसले कभी समझदारी भरे नहीं होते। महापौर का कहना है कि वह छह हफ़्तों में यह कर सकते हैं; उन्हें कोशिश करने दीजिए। ऐसा एक भी आश्रय गृह नहीं है जहां वे कुत्तों को रख सकें? दिल्ली के मेयर नेआश्वासन दिया है कि सरकार अस्थायी या स्थायी आश्रयों की व्यवस्था कर सकती है। उन्होंने कहा, हमारे पास आश्रय गृह नहीं हैं, लेकिन हमारे पास 10 चालू नसबंदी केंद्र हैं। हम अस्थायी और स्थायी आश्रय गृह बना सकते हैं। एमसीडी और दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आवारा कुत्तों के कारण किसी को कोई समस्या न हो।

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