14 KM का घटेगा सफर, 5 लाख लोगों को सुविधा; मधुबन बापूधाम ROB से दिल्ली-मेरठ रोड तक कितने फायदे
गाजियाबाद में मधुबन बापूधाम आरओबी अगले छह महीने में बनकर तैयार होगा। सेतु निगम के बाद अब रेलवे ने भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इस आरओबी के तैयार होने से दिल्ली-मेरठ रोड सीधे हापुड़ रोड से जुड़ जाएगी।

गाजियाबाद में मधुबन बापूधाम रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) अगले छह महीने में बनकर तैयार होगा। सेतु निगम के बाद अब रेलवे ने भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जिससे इसका निर्माण जल्द किया जा सकेगा। इस आरओबी के तैयार होने से दिल्ली-मेरठ रोड सीधे हापुड़ रोड से जुड़ जाएगी। इससे पांच लाख से अधिक लोगों को यातायात की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
जीडीए मेरठ रोड से हापुड़ रोड की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मधुबन बापूधाम में आरओबी का निर्माण करा रहा है। आरओबी का निर्माण करने की जिम्मेदारी सेतु निगम और रेलवे को सौंपी गई। सेतु निगम ने रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ आरओबी तैयार कर दिया है। वह अपने हिस्से का 75 फीसदी निर्माण कर चुका है, लेकिन रेलवे ने ट्रैक के ऊपर निर्माण शुरू नहीं किया था।
पिछले दिनों आरओबी निर्माण के लिए रेलवे विभाग ने जनरल अप्रूवल ड्रॉइंग (जीएडी) को मंजूरी दे दी। जीडीए ने भी रेलवे को 27 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। साथ ही, प्राधिकरण ने निर्माण कार्य की लागत बढ़ने पर भुगतान करने पर भी सहमति जता दी है। इसके बाद रेलवे ने आरओबी के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है।
जीडीए अधिकारी बताते हैं कि रेलवे वहां कॉमल पिलर के निर्माण के लिए पायलिंग का काम कर रहा है। ये पिलर जल्द ही बनाकर तैयार होंगे। फिर ट्रैक के ऊपर पिलरों के बीच स्लैब डालने का काम किया जाएगा। अधिकारी बताते हैं कि सितंबर तक आरओबी का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। इसके तैयार होने से लोगों को बेहतर यातायात की सुविधा मिलेगी।
14 किलोमीटर का चक्कर घटेगा : इस चार लेन के आरओबी का निर्माण पूरा होने से आसपास क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक फायदा होगा। वहीं, गाजियाबाद होते हुए हापुड़ से मेरठ आने जाने वालों को करीब 14 किलोमीटर का लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। इस मार्ग से लोगों के समय की भी बचत होगी। आरओबी 600 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इस पर प्राधिकरण 63 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
औद्योगिक पॉकेट की कनेक्टिविटी में सुधार : आरओबी मधुबन बापूधाम योजना के औद्योगिक पॉकेट और बी पॉकेट में तैयार हो रहा। इससे यदि हापुड़ रोड की तरफ से सामान या उद्यमी आते हैं तो वह आरओबी का इस्तेमाल कर औद्योगिक क्षेत्र में जा सकेंगे। मधुबन बापूधाम योजना को भी एक ओर अतिरिक्त कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके जरिये सीधे मेरठ रोड से जुड़ सकेंगे। नमो भारत ट्रेन के स्टेशन तक भी लोग आसानी से जा सकेंगे। इसके अलावा लोग मेरठ रोड क्रॉस कर राजनगर एक्सटेंशन में तैयार हो रही नॉर्दन पेरिफेरल रोड (एनपीआर) के जरिये लोनी और प्राधिकरण ने नई टाउनशिप हरनंदीपुरम योजना तक जा सकेंगे।
कई कॉलोनियां दिल्ली-मेरठ रोड से जुड़ेंगी
आरओबी बनने से हापुड़ रोड और दिल्ली-मेरठ रोड आपस में जुड़ जाएंगे। हरसांव पुलिस लाइन से मधुबन बापूधाम से आने वाला मार्ग सीधा दिल्ली-मेरठ हाईवे से जुड़ जाएगा। आरओबी का सीधा लाभ मधुबन बापूधाम के आसपास गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम, डासना, मसूरी, सदरपुर गांव, बालाजी एंक्लेव सहित अन्य कॉलोनियों के लोगों को मिलेगा। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर जाने के लिए हापुड़ चुंगी लंबा रास्ता तय नहीं करना होगा।
अतुल वत्स, उपाध्यक्ष, जीडीए ने कहा, ''दिल्ली-मेरठ रोड से हापुड़ मार्ग को सीधे जोड़ने के लिए आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है। रेलवे ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जिसे करीब छह महीने में तैयार कर दिया जाएगा।''




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