Life lost for 100 to 200 rupees, The painful story of a laborer who died in a septic tank in Delhi. 100-200 रुपये के लिए चली गई जान... दिल्ली में सेप्टिक टैंक में मरने वाले मजदूर की दर्द भरी दास्तां, Ncr Hindi News - Hindustan
More

100-200 रुपये के लिए चली गई जान... दिल्ली में सेप्टिक टैंक में मरने वाले मजदूर की दर्द भरी दास्तां

महज 100-200 रुपये के लिए उनकी जान चली गई। दामाद चंद्रपाल ने अपने ससुर विनोद की जहरीली गैस के चलते हुई मौत की दर्दभरी दास्तां सुनाई है। ये मामला पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय 55 साल के विनोद की मौत से जुड़ा है।

Tue, 26 May 2026 10:55 PMRatan Gupta नई दिल्ली, भाषा
share
100-200 रुपये के लिए चली गई जान... दिल्ली में सेप्टिक टैंक में मरने वाले मजदूर की दर्द भरी दास्तां

"महज 100-200 रुपये के लिए उनकी जान चली गई।" दामाद चंद्रपाल ने अपने ससुर विनोद की जहरीली गैस के चलते हुई मौत की दर्दभरी दास्तां सुनाई है। ये मामला पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय 55 साल के विनोद की मौत से जुड़ा है।

घटना को याद करते हुए चंद्रपाल ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि विनोद छोटे-मोटे काम करके गुजारा करते थे, जिससे उन्हें मुश्किल से 100 से 200 रुपये प्रतिदिन मिलते थे।चंद्रपाल ने कहा, "ठेकेदार अनिल ने उन्हें दीपक के घर की जाम सीवर लाइन ठीक करने के लिए बुलाया था।"

विनोद के परिवार में उनकी पत्नी हैं, जो आर्थिक रूप से उन पर निर्भर थीं, और उनकी तीन विवाहित संतान हैं । इनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल है। चंद्रपाल ने कहा, "घर चलाने के लिए वह जहां भी संभव होता, काम करते थे। इतनी कम रकम के लिए उन्होंने अपनी जान गंवा दी।"

पुलिस के अनुसार, दोनों मजदूरों को कथित तौर पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण, ऑक्सीजन सहायता या सुरक्षात्मक गियर के लगभग आठ फुट गहरे सेप्टिक टैंक में उतार दिया गया। पुलिस ने बताया कि घर के मालिक दीपक ने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए ठेकेदार अनिल को काम पर रखा था। ठेकेदार ने विनोद और धर्मेंद्र को काम पर लगाया था।

टैंक में प्रवेश करने के कुछ ही मिनटों के भीतर, दोनों श्रमिक कथित तौर पर जहरीली गैसों के संपर्क में आने से बेहोश हो गए। ठेकेदार और स्थानीय लोगों ने बाद में रस्सियों और हुकों की मदद से उन्हें बाहर निकाला और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले गए। विनोद को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि धर्मेंद्र अब भी जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है।

पुलिस ने बताया कि अनिल और दीपक दोनों को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और हाथ से मैला उठाने से संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही का पता चला है, जिसमें कथित तौर पर श्रमिकों को अनिवार्य सुरक्षा उपायों के बिना सेप्टिक टैंक में प्रवेश करने के लिए मजबूर किया गया था। नोएडा के सेक्टर-16 के रहने वाले दिहाड़ी मजदूर विनोद ने रविवार को सेप्टिक टैंक की सफाई शुरू की थी तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने बताया कि एक अन्य मजदूर धर्मेंद्र (34) अस्पताल में गंभीर हालत में है।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।