दिल्ली के राजस्व विभाग में बढ़ी पदों की संख्या, LG सक्सेना ने 272 नई पोस्ट्स बनाने को दी मंजूरी
दिल्ली सरकार ने 11 दिसंबर, 2025 को लिए एक फैसले में राष्ट्रीय राजधानी में राजस्व जिलों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 जिलों में करने के साथ ही सब-डिवीजन बढ़ाने और 39 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस बनाने को मंजूरी दी थी।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग में 272 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। यह फैसला दिल्ली में हुए उस प्रशासनिक पुनर्गठन को देखते हुए लिया गया है, जिसके बाद यहां जिलों और उपमंडलों (सबडिवीजन) की संख्या में वृद्धि की गई थी। दरअसल प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए पिछले साल दिसंबर में दिल्ली सरकार ने जिलों का पुनर्गठन किया था, जिसके बाद जिलों की संख्या 11 से बढ़कर 13 हो गई थी। साथ ही सब डिविजनों की संख्या भी 22 से बढ़कर 39 हो गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि नई बनाई गई पोस्ट में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के दो-दो, आठ सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट, छह सब-रजिस्ट्रार, 16 तहसीलदार, 22 नायब तहसीलदार, सीनियर और जूनियर असिस्टेंट के 42-42 और अकाउंट्स, प्लानिंग, सबऑर्डिनेट सर्विसेज और स्टेनो कैडर के कई पोस्ट शामिल हैं। दो नए जिले बनने से पहले राजस्व विभाग के 11 जिलों में 1,553 स्वीकृत पोस्ट्स थीं, वहीं 272 नए पद बनने के बाद, 13 जिलों में कुल मंजूर पदों की संख्या 1825 हो गई हैं।
दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने 11 दिसंबर, 2025 को लिए एक फैसले में राष्ट्रीय राजधानी में रेवेन्यू जिलों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 जिलों में बदलने, साथ ही सब-डिवीजन बढ़ाने और 39 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस बनाने को मंजूरी दी थी।
इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के प्रशासनिक जिलों को नगर निगम (MCD) के जोन, नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी बोर्ड के क्षेत्रों के अनुरूप बनाना था। यह कदम गृह मंत्रालय के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया था। इस पुनर्गठन के कारण दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के जोन के साथ मिलकर काम करने लगे। यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया था।
अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद राजस्व विभाग की कानूनी जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि इन जिम्मेदारियों में BNSS, 2023 के तहत न्यायिक और प्रशासनिक काम का बोझ बढ़ाना, भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए फील्ड-लेवल के कामों को तेज करना, डिजास्टर मैनेजमेंट का काम, चुनाव ड्यूटी, जन कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, सर्टिफिकेट जारी करना और साल भर चलने वाले त्योहारों का मैनेजमेंट शामिल है।
उपराज्यपाल ने इन पदों के सृजन को दी मंजूरी
DM (डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट)- 2
ADM (एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट)- 2
SDM (सब-डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट)- 8
सब रजिस्ट्रार- 6
तहसीलदार- 16
नायब तहसीलदार- 22
सीनियर असिस्टेंट- 42
जूनियर असिस्टेंट- 42
इसके अलावा अकाउंट्स, प्लानिंग, सबऑर्डिनेट सर्विसेस और स्टेनो कैडर की कई पोस्ट्स शामिल हैं।




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