यह एक बड़ी चेतावनी की तरह; पश्चिम बंगाल में भाजपा को निर्णायक बढ़त पर मिलने पर क्या बोले CPI नेता
केरल के परिणामों पर उन्होंने कहा,'हमें उम्मीद थी कि केरल में LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि केरल में BJP को अपना विनाशकारी खेल खेलने का मौका नहीं मिला।'

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती सोमवार को जारी है। इस दौरान तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी बहुमत के पास और सरकार बनाती दिख रही है। सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहा है, जहां भाजपा राज्य में 15 साल पुरानी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सरकार को उखाड़ फेंकती नजर आ रही है। इन परिणामों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी.राजा ने हैरानी जताते हुए इसे एक चेतावनी की तरह बताया है।
भाकपा नेता डी.राजा ने कहा, 'अगर ये रुझान ऐसे ही रहे, तो अंतिम नतीजा भी यही होगा। हमारी पार्टी इस जनादेश के कारणों का विश्लेषण करेगी। असम में BJP फिर से सरकार बनाने जा रही है, और पश्चिम बंगाल में पहली बार। पुडुचेरी में पार्टी ने बढ़त बना रही है। केरल में मुकाबला LDF और UDF के बीच है। तमिलनाडु में रुझान एक अलग ही तस्वीर दिखा रहे हैं। धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक पार्टियों को इन चुनावों और लोगों द्वारा दिए गए जनादेश से सही सबक सीखना चाहिए।'
डी. राजा बोले- यह एक बड़ी चेतावनी की तरह
पश्चिम बंगाल के नतीजों पर डी. राजा बोले, 'पहली बार ऐसा लग रहा है कि भाजपा सरकार बना सकती है। यह न सिर्फ एक चेतावनी है, बल्कि सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक संगठनों के लिए एक असली सबक भी है। वामपंथी दलों का प्रदर्शन चिंताजनक है। ऐसे जब तक हम बंगाल में वामपंथ को फिर से मजबूत नहीं कर लेते, तब तक पूरे देश में यह वामपंथ के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।'
'धर्मनिरपेक्ष दलों के लिए आत्ममंथन का समय'
आगे तमिलनाडु के नतीजों पर उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी तमिलनाडु की जनता द्वारा दिए गए इस जनादेश के कारणों का विश्लेषण करेगी। यह भी जरूरी है कि सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक दल गंभीरता से आत्म-मंथन करें और यह सबक सीखें कि जनता को हल्के में नहीं लिया जा सकता। धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक दलों को यह समझना होगा कि सीटों के बंटवारे का समझौता कैसे किया जाए, आपसी तालमेल कैसे बिठाया जाए और भरोसे के साथ आगे कैसे बढ़ा जाए। एक-दो एग्जिट पोल को छोड़कर, बाकी सभी एग्जिट पोल ने DMK की जीत की भविष्यवाणी की थी।'
वामपंथ के भविष्य को लेकर जताई चिंता
वहीं केरल के परिणामों पर उन्होंने कहा,'हमें उम्मीद थी कि केरल में LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि केरल में BJP को अपना विनाशकारी खेल खेलने का मौका नहीं मिला।' आगे उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि 'अगर हम केरल भी हार जाते हैं, तो फिर वामपंथ का भविष्य क्या होगा?'
बता दें कि खबर लिखे जाने तक पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से भाजपा ने 194 सीटों पर बढ़त बना रखी थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस 92 सीटों पर आगे चल रही थी। तमिलनाडु की 234 सीटों में से फिल्म कलाकार विजय की नई नवेली TVK पार्टी ने 112 सीटों पर बढ़त बना रखी थी, वहीं AIADMK 58 सीटों पर व DMK 47 सीटों पर आगे चल रही थी। असम की 126 सीटों में से भाजपा ने 78 सीटों पर बढ़त बना रखी थी, जबकि कांग्रेस 24 सीटों पर आगे थी। केरल की 140 सीटों में से कांग्रेस ने 55 सीटों पर, CPI (M) ने 26 सीटों पर और IUML पार्टी ने 21 सीटों पर बढ़त बना रखी थी। पुडुचेरी की 30 सीटों में से भाजपा गठबंधन ने 15 सीटों पर तो कांग्रेस गठबंधन ने 11 सीटों पर बढ़त बना रखी थी।




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