बहुत बुरा संदेश जा सकता है; एल्विश यादव केस में SC ने ऐसा क्यों कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि अगर प्रसिद्ध लोगों को सांपों जैसे 'बेजुबानों' का इस्तेमाल करने दिया जाता है, तो इससे समाज में ‘बहुत बुरा संदेश’ जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि अगर प्रसिद्ध लोगों को सांपों जैसे 'बेजुबानों' का इस्तेमाल करने दिया जाता है, तो इससे समाज में ‘बहुत बुरा संदेश’ जा सकता है। सांप के जहर मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत यूट्यूबर एल्विश यादव की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ यादव की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी गई थी। पीठ ने यादव के वकील से कहा कि अगर मशहूर लोगों को सांपों जैसे 'बेजुबान' का इस्तेमाल करने दिया जाता है, तो इससे समाज में बहुत बुरा संदेश जा सकता है, आप सांप को लेकर खेलते हैं। उन्होंने कहा कि क्या आप चिड़ियाघर जाकर वहां जानवरों के साथ खेल सकते हैं? क्या यह जुर्म नहीं होगा? आप यह नहीं कह सकते कि आप जो चाहें करेंगे।
हम वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत शिकायत को लेकर चिंतित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के वकील से यह बताने को कहा कि सांप का जहर कैसे निकाला जाता है और रेव पार्टियों में इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है। इस विवादित यूट्यूबर पर नोएडा में एक रेव पार्टी में सांप के जहर के कथित इस्तेमाल के लिए नवंबर 2023 में मामला दर्ज किया गया था और 17 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया था।
‘सबूत नहीं मिला’
यादव की ओर से पेश वकील मुक्ता गुप्ता ने कहा कि यूट्यूबर यादव गायक फाजिलपुरिया के वीडियो में अतिथि भूमिका के लिए पार्टी में गया था और वहां किसी रेव पार्टी या किसी अधिसूचित मादक पदार्थ के सेवन का कोई सबूत नहीं मिला।
नोएडा के सेक्टर 51 के एक बैंक्वेट हॉल के पास पुलिस और वन विभाग की टीम ने तीन नवंबर 2023 को छापा मारा और पांच सपेरों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 9 सांप और 20 मिलीलीटर सांप का जहर मिला। जांच में पाया गया कि अधिकांश सांपों से जहर निकालकर रखा गया था। इसी घटना को आधार बनाकर नोएडा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की जिसमें एल्विश यादव का नाम भी शामिल किया गया गया। केस दर्ज होने के कुछ दिन बाद एल्विश यादव को राजस्थान में रोका गया और गिरफ्तार होने की अफवाह उड़ीं, लेकिन राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि यह महज रूटीन चेक-पोस्ट चेकिंग थी और उन्हें कोटा में हिरासत में नहीं लिया गया था।
नोएडा पुलिस ने कई बार की पूछताछ
नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव से कई बार पूछताछ की। आरोप था कि उन्होंने रेव पार्टियों में सांपों का जहर ड्रग के तौर पर उपयोग करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार उस पार्टी में जहर का इस्तेमाल किया जा सकता था। वे आरोपों को पहले नकारते रहे। 17 मार्च 2024 को नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले में लगभग 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें आरोपियों के बीच सांपों के जहर की बिक्री, रेव पार्टियों का आयोजन, वन्य जीवों के व्यापार और अन्य आरोप शामिल थे।




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