हर घर से हुसैनी निकलेगा; जामिया के बाहर ईरान के समर्थन में लगे नारे-VIDEO
दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट नंबर 18 पर सोमवार शाम को छात्रों और ईरान समर्थकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इफ्तार के बाद जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने शिया-सुन्नी एकता के नारे लगाए।

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 18 के बाहर ईरान समर्थकों और छात्रों ने एकजुटता दिखाई। इफ्तार के बाद जमा हुए इन लोगों ने शिया-सुन्नी एकता और भाईचारे के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। स्थानीय पुलिस ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या हिंसा की खबर नहीं मिली। कुछ देर अपनी आवाज बुलंद करने के बाद सभी प्रदर्शनकारी वहां से वापस चले गए।
हर घर से हुसैनी निकलेगा… के लगे नारे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम को विश्वविद्यालय के बाहर छात्रों का एक समूह जमा हुआ और उन्होंने ईरान के प्रति अपना समर्थन जताया। ईरान समर्थक नारे लगा रहे थे कि ‘कितने हुसैनी मारोगे, हर घर से हुसैनी निकलेगा।’ नारेबाजी शांतिपूर्ण थी और प्रदर्शनकारियों ने भाईचारे और एकता पर जोर दिया। स्थानीय पुलिस के अनुसार, स्थिति नियंत्रण में रही और कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली। कुछ समय बाद प्रदर्शनकारी वहां से शांतिपूर्वक चले गए।
कश्मीर में पाबंदियां
यदि देश के बाकी हिस्सों में हुए प्रदर्शनों की बात करें तो कश्मीर में सोमवार को उन इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिए गए जहां अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के लाल चौक स्थित घंटाघर को अवरोधक लगाकर बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों को जुटने से रोकने के लिए पूरे शहर में पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।
शांति बनाए रखने के लिए पाबंदियां
अधिकारियों ने कहा कि शांति बनाए रखने के लिए ये पाबंदियां लगाई गई हैं। मुख्य चौराहों पर कटीले तार और रुकावटें लगाई गई हैं। घाटी के दूसरे जिलों के शिया इलाकों में भी ऐसी ही पाबंदियां लागू हैं। ये पाबंदियां मीरवाइज उमर फारूक के बंद के आह्वान की वजह से लगाई गई हैं। महबूबा मुफ्ती और कई दूसरे राजनीतिक दलों ने इस बंद का समर्थन किया है। निजी स्कूलों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों दो दिन के लिए बंद किए गए हैं।




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