गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस में नया ट्विस्ट! बच्चियों के पिता ने तीसरी बीबी से जुड़ा सच छिपाया
Ghaziabad Triple Suicide Case: गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस की गुत्थी लगातार उलझती जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बच्चियों के पिता ने जिसे साली और बाद में तीसरी पत्नी बताया, वो उसकी कर्मचारी निकली।

Ghaziabad Triple Suicide Case: गाजियाबाद में नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के मामले की जांच लगातार उलझती जा रही है। पुलिस की तफ्तीश में उनके पिता चेतन कुमार के बयानों में विरोधाभास, संदिग्ध वैवाहिक संबंध और बच्चों के घरेलू व शैक्षणिक जीवन से जुड़ी कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। नया ट्विस्ट तब आया, जब चेतन जिस टीना नाम की महिला को पहले साली और अपनी तीसरी पत्नी बता रहा था, वह उसकी कर्मचारी निकली। अब पुलिस की जांच का अहम बिंदु यही है।
चेतन कुमार ने पुलिस को बताया कि 2018 में वह गाजियाबाद में क्रेडिट कार्ड से जुड़ा काम करता था। उसी दौरान उसने टीना नाम की एक युवती को काम पर रखा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और चेतन ने टीना से शादी कर ली, जो उसकी तीसरी पत्नी बताई जा रही है। टीना की उम्र करीब 22 साल है और उससे चेतन की एक तीन साल की बेटी भी है।
हालांकि जांच में बड़ा विरोधाभास तब सामने आया जब चेतन ने पहले पुलिस को टीना को अपनी पत्नी नहीं, बल्कि साली बताया था। अब यही बयान जांच का अहम बिंदु बन गया है।
तीन शादियां और सवालों से घिरा समयक्रम
चेतन ने पुलिस को बताया कि उसने 2010 में सुजाता और 2013 में हिना से शादी की थी। लेकिन पुलिस का कहना है कि यह समयक्रम संदिग्ध है। सुजाता से उसकी सबसे बड़ी बेटी की उम्र 16 साल बताई जा रही है, जिससे यह दावा कमजोर पड़ता है कि पहली शादी से संतान न होने के कारण उसने दोबारा विवाह किया।
पुलिस अब दस्तावेजों के जरिए शादियों का सही क्रम और तारीखें पता करने की कोशिश कर रही है, लेकिन मुश्किल यह है कि सुजाता और हिना दोनों ही अशिक्षित हैं और शादी से जुड़े किसी तरह के कागजात या तारीखें नहीं बता पा रही हैं।
तीन बेडरूम का फ्लैट, लेकिन एक ही कमरे में पूरा परिवार
जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार तीन बेडरूम वाले फ्लैट में रहता था, लेकिन इसके बावजूद सभी सदस्य एक ही कमरे में सोते थे। पुलिस ने जब पूछा कि देर रात तीनों लड़कियां बिना किसी को बताए कमरे से बाहर कैसे निकल गईं, तो चेतन ने इसे उनका रोज़ का रूटीन बताया। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह जवाब सवालों को सुलझाने के बजाय और उलझा रहा है।
स्कूल छूटा, बचपन अधूरा
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि तीनों बहनें कई सालों से स्कूल नहीं जा रही थीं। परिवार ने इसकी वजह आर्थिक तंगी बताई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वे पहले किन स्कूलों में पढ़ती थीं, किस कक्षा तक पढ़ाई की और आखिर पढ़ाई क्यों छुड़ाई गई। यह भी जांचा जा रहा है कि क्या वे पढ़ाई में कमजोर थीं या बार-बार फेल हो रही थीं।
मोबाइल बिके, रहस्य गहराया
पुलिस को पता चला है कि लड़कियों के पास पहले दो मोबाइल फोन थे, जिन्हें चेतन ने कर्ज चुकाने के लिए बेच दिया। एक मोबाइल करीब छह महीने पहले और दूसरा घटना से महज 15 दिन पहले बेचा गया। दोनों फोन अब गायब हैं। पुलिस IMEI नंबर के जरिए उन्हें ट्रेस करने की कोशिश कर रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अगर फोन फॉर्मेट कर दिए गए होंगे तो डेटा रिकवरी मुश्किल हो सकती है, फिर भी सभी तकनीकी विकल्प अपनाए जा रहे हैं।
सवालों में घिरा परिवार, जवाबों का इंतजार
पुलिस का कहना है कि इस दर्दनाक घटना को एक परेशान घर, आर्थिक दबाव, टूटते पारिवारिक रिश्तों, स्कूल से दूर बच्चों और बढ़ते मानसिक तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, स्कूल रिकॉर्ड, मोबाइल ट्रैकिंग और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान आगे की जांच की दिशा तय करेंगे। फिलहाल तीन बहनों की मौत का यह मामला एक भयावह पहेली बना हुआ है, जिसके जवाब एक बिखरती पारिवारिक कहानी के भीतर कहीं छिपे हैं।




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