इंडियन कहलाने पर गुस्सा आता था; गाजियाबाद में ट्रिपल सुसाइड कांड पर पिता का एक और खुलासा
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में तीन सगी बहनों की आत्महत्या के मामले में अब उनके पिता चेतन कुमार का चौंकाने वाला बयान सामने आया है। वित्तीय तनाव की खबरों को खारिज करते हुए पिता ने दावा किया कि उनकी बेटियों की मौत की असली वजह कोरियाई संस्कृति (K-Pop) के प्रति उनका पागलपन था।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में तीन सगी बहनों की आत्महत्या के मामले में अब उनके पिता चेतन कुमार का चौंकाने वाला बयान सामने आया है। वित्तीय तनाव की खबरों को खारिज करते हुए पिता ने दावा किया कि उनकी बेटियों की मौत की असली वजह कोरियाई संस्कृति (K-Pop) के प्रति उनका पागलपन था। वह अपनी भारतीय पहचान से इस कदर नफरत करने लगी थीं कि उन्हें इंडियन कहलाने पर गुस्सा आता था।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पिता ने बताया कि2 पिछले दो-तीन महीनों से घर में तनाव का मुख्य कारण बेटियों की दक्षिण कोरिया जाने की जिद थी। वे वहां जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती थीं। चेतन ने बताया, जब मैंने उनसे कहा कि हम भारतीय हैं, तो वे भड़क जाती थीं और खाना तक छोड़ देती थीं। उन्होंने साफ चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें कोरिया नहीं भेजा गया, तो वे मर जाएंगी। घटना वाली रात भी शाम 7 बजे इसी बात को लेकर बहस हुई थी, जिसके बाद पिता ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए थे। आधी रात को फोन वापस लिए जाने के बाद लड़कियों ने खुद को पूजा घर में बंद कर लिया और फिर यह खौफनाक कदम उठाया।
कर्ज और स्कूल छुड़ाने के आरोपों पर सफाई
पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि पेशे से स्टॉक ट्रेडर चेतन पर करीब 2 करोड़ रुपये का कर्ज है और इसी वजह से दो साल पहले उन्होंने बेटियों को स्कूल से निकाल लिया था। इन आरोपों पर सफाई देते हुए चेतन ने कहा कि उन्हें केवल 20-30 लाख रुपये का घाटा हुआ था, जिसे बच्चों की आत्महत्या से जोड़ना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि आर्थिक तंगी इतनी बड़ी नहीं थी कि बच्चे जान दे दें। असली वजह उनका मोबाइल और कोरियन कल्चर के प्रति उनकी लत थी।
दीवार पर लिखा दर्द और आखिरी सुसाइड नोट
जांच के दौरान पुलिस को कमरे की दीवार पर लिखा मिला, मेरी जिंदगी बहुत-बहुत अकेली है (My life is very, very alone)। वहीं, सुसाइड नोट में बहनों ने अपने पिता से माफी मांगते हुए लिखा, "आई एम रियली सॉरी पापा और उन्हें एक डायरी पढ़ने को कहा जिसमें उनके सभी सवालों के जवाब छिपे हैं। पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन और इंटरनेट के जरिए कोरियाई सिनेमा, संगीत और गेम्स के प्रति बढ़ती लत ने बच्चियों को मानसिक रूप से इतना प्रभावित कर दिया था कि परिवार की पाबंदियां उन्हें नागवार गुजरीं।




साइन इन