MARIA, ALIZA, CINDY; 'कोरियन प्यार' में गाजियाबाद की लड़कियां नाम भी बदल चुकी थीं
गाजियाबाद की एक सोसायटी में 9वें मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीनों बहनों के दिल-दिमाग पर पूरी तरह कोरियन कल्चर का कब्जा हो गया था। कोरियाई गेम खेलते हुए तीनों वहां के गानों, फिल्मों की भी शौकीन हो गईं।

गाजियाबाद की एक सोसायटी में 9वें मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीनों बहनों पर 'कोरिन प्यार' पूरी तरह हवी था। उनके दिल-दिमाग पर पूरी तरह कोरियन कल्चर का कब्जा हो गया था। कोरियाई गेम खेलते हुए तीनों वहां के गानों, फिल्मों की भी शौकीन हो गईं। यह असर इतना ज्यादा था कि उन्होंने अपना रंग-रूप से नाम तक बदल लिया था।
साहिबाबाद की 'भारत सिटी' सोसायटी में मंगलवार रात करीब 2 बजे 16, 14 और 12 साल की तीन बहनों ने 9वें मंजिल पर स्थित फ्लैट से कूदकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले तीनों बहनों ने कुछ नोट्स और एक डायरी में 8 पन्नों में जो बातें लिखी हैं वह बेहद हैरान करने वाली हैं। सुसाइड नोट से पता चलता है कि तीनों बहनों के मन-मस्तिष्क पर कोरियन कल्चर पूरी तरह हावी हो चुका था। उन्होंने साफ लिखा है यह सब उनके लिए परिवार और जान से ज्यादा महत्वपूर्ण था।
तीनों ने बदल लिए थे नाम
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि तीनों बहनें कोरिया जाने की इच्छा रखती थी। वह अपने हेयरस्टाइल और पहनावे से खुद को कोरियन दिखाना चाहती थीं। यहां तक कि तीनों बहनों ने अपनी पहचान बदल ली थी। उन्होंने अपने कोरियन नाम MARIA, ALIZA, CINDY रखे थे और इन्हीं नामों से आपस में एक दूसरे को बुलाया करती थीं। सुसाइड नोट से यह भी पता चला है कि तीनों आगे चलकर किसी भारतीय से नहीं बल्कि कोरियन से ही शादी करना चाहती थीं।
डायरी में है कोरियन प्यार की कहानी
गाजियाबाद में आत्महत्या करने वाली तीन नाबालिग बहनों के कमरे से मिली 9 पन्नों की एक छोटी-सी डायरी चीख-चीखकर उनकी खामोश तकलीफ बयां कर रही है। रंगीन कोरियाई दुनिया के सपनों, पसंदीदा कलाकारों और कल्पनाओं के बीच लिखे गए ये पन्ने उस घर के भीतर पल रहे तनाव और मानसिक पीड़ा की कहानी भी कहते हैं जिसने अंततः तीनों को यह भयावह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। पुलिस के अनुसार, डायरी के पन्नों में बार-बार कोरिया के लिए तीनों बहनों के गहरे लगाव का जिक्र है और उनमें लिखे संदेश से साफ झलकता है कि परिवार की ओर से उन्हें उनकी ख्याली दुनिया, उन पसंदों और उस पहचान को छोड़ देने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिससे वे दिल से जुड़ी हुई थीं।
डायरी में लिखा है, 'हमें कोरियन बहुत पसंद है। प्यार, प्यार, प्यार।' इसे ही अपनी 'असल जिंदगी की कहानी' बताते हुए लिखा गया है कि जो कुछ इन पन्नों में दर्ज है, उस पर भरोसा किया जाए। डायरी में यह आरोप भी लगाया गया है कि माता-पिता उनकी पसंद और भविष्य के फैसलों, यहां तक कि शादी को लेकर भी उनके खिलाफ थे। एक जगह लिखा है, 'आपने (माता-पिता) हमें कोरियन छोड़ने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। कोरियन ही हमारी जिंदगी थी… आप हमारी शादी किसी भारतीय से करवाना चाहते थे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हो सकता।'




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