साफ-सफाई के मामले में गाजियाबाद पिछड़ा, लेकिन एक बड़ी खुशखबरी भी, जानिए क्या
एक तरफ इंदौर जैसा शहर है जो आठवीं बार खिताब जीत रहा है तो वहीं गाजियाबाद जैसा शहर भी है जिसकी रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि गिरती रैंकिंग के बावजूद एक खुशखबरी भी सामने आई है।

'स्वच्छ सर्वेक्षण 2024' की रैंकिंग सामने आ गई है। एक तरफ इंदौर जैसा शहर है जो आठवीं बार खिताब जीत रहा है तो वहीं गाजियाबाद जैसा शहर भी है जिसकी रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि गिरती रैंकिंग के बावजूद एक खुशखबरी भी सामने आई है, जिसे जानकर गाजियाबाद की जनता राहत महसूस कर सकती है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की रैंकिंग में गाजियाबाद पिछड़ा
सबसे पहले आपको रैंकिंग में गिरावट की बात बताते हैं। इस बार 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में गाजियाबाद नगर निगम प्रदेश में तीसरे नंबर पर खिसक गया है। इस श्रेणी के स्वच्छ सर्वेक्षण में गाजियाबाद पिछले 3 साल से प्रदेश में नंबर एक पर आता रहा है। हालांकि इस बीच एक गुड न्यूज भी है, जानिए किस आधार पर यहां की जनता राहत महसूस कर सकती है…
गाजियाबाद वालों के लिए क्या है बड़ी खुशखबरी?
दरअसल ओवरऑल रैंकिंग में गाजियाबाद ने अच्छा प्रदर्शन किया है। यानी की देशभर की रैंकिंग में सुधार हुआ है। बीते साल के सर्वेक्षण में गाजियाबाद नगर निगम को 19वां स्थान मिला था। वहीं इस बार ओवरऑल प्रदर्शन शानदार रहा, इसके चलते इसकी रैंकिंग 11 दर्ज की गई है। हालांकि इसके बावजूद गाजियाबाद प्रशासन को काफी मेहनत करने की जरूरत है। ये चुनौती तब और बढ़ जाती है, जब आपके इलाके में कई बड़े-बड़े कचरे के पहाड़ हों।
जानिए देश में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन शहर
स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 का अवॉर्ड देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिया गया है। ये सर्वे केंद्र सरकार द्वारा हर साल कराया जाता है। इसे वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण कहा जाता है। ओवरऑल पूरे देश की बात करें तो मध्य प्रदेश के इंदौर शहर ने एक, दो या तीन नहीं बल्कि पूरे आठवीं बार इसके प्रथम खिताब को अपने नाम किया है। दूसरे पायदान पर गुजरात का सूरत शहर रहा है। वहीं महाराष्ट्र का नवी मुंबई तीसरे पायदान पर है।




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