लड़की संग दोस्ती जबर्दस्ती यौन संबंध बनाने का लाइसेंस नहीं, पॉक्सो केस में बोला दिल्ली हाईकोर्ट
पीड़ित लड़की की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, 14 फरवरी 2025 को आरोपी ने कथित तौर पर उसे किसी बहाने से एक घर में बुलाया, वहां उसकी मांग में सिंदूर भरा और फिर जबर्दस्ती यौन संबंध बनाए।

दिल्ली हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया है। आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि वैलेंटाइन डे पर किसी लड़की का किसी लड़के से दोस्ताना होना, उसके साथ जबर्दस्ती यौन संबंध बनाने का लाइसेंस नहीं है।
जस्टिस गिरीश कथपालिया की बेंच ने कहा कि नाबालिग लड़की की सहमति से भी उसके सिर पर सिंदूर लगाना सही नहीं ठहराया जा सकता, भले ही कानून में इसे कोई अपराध न माना गया हो। बेंच ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि कोई लड़की किसी लड़के से दोस्ताना है और उस दिन वैलेंटाइन डे है, इसका मतलब यह नहीं है कि लड़के को उसके साथ जबर्दस्ती यौन संबंध बनाने का लाइसेंस मिल गया।
'बहाने से मिलने बुलाकर मांग में भरा सिंदूर'
अभियोजन पक्ष के अनुसार, एफआईआर 17 साल की एक पीड़ित लड़की के बयान पर दर्ज की गई है। पीड़ित लड़की ने आरोप लगाया था कि वह आरोपी को करीब एक साल से जानती थी। 14 फरवरी 2025 को आरोपी ने कथित तौर पर उसे किसी बहाने से एक घर में बुलाया, वहां उसकी मांग में सिंदूर भरा और फिर जबर्दस्ती यौन संबंध बनाए। इस घटना के बाद उसके भाई ने पुलिस को सूचना दी।
बचाव पक्ष बोला- लड़की ने अपनी मर्जी से संबंध बनाए
आरोपी की तरफ से पेश हुआ वकील ने दलील दी कि पीड़ित लड़की की उम्र 18 साल से ज्यादा है। उसने अपनी मर्जी से संबंध बनाए। यह भी तर्क दिया गया कि यह घटना वैलेंटाइन डे पर हुई थी, जिससे एक रोमांटिक पहलू होने का संकेत मिलता है।




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