छठ के समय इस कारण कम हो गए थे यमुना नदी में झाग, HTLS में सीएम रेखा गुप्ता ने बताई वजह
सीएम गुप्ता ने कहा, ‘छठ के समय एक्स्ट्रा कोशिशें करके पानी को साफ किया गया था। क्योंकि वो त्योहार का समय था। उसके बाद हम हर समय उसमें स्प्रे नहीं कर सकते। नदी में जो औद्योगिक कचरा आ रहा है उसे बंद करना पड़ेगा। तब जाकर यमुना से झाग खत्म होंगे।’

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि दिल्ली से होकर बहने वाली यमुना जी के पानी में झाग की समस्या पूरी दिल्ली में नहीं है, बल्कि यह समस्या सिर्फ ओखला बैराज पर है, क्योंकि वहां पर पानी ऊपर से नीचे की तरफ गिरता है। यह बात उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में जारी HTLS (हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट) में शामिल होने के दौरान शनिवार को कही। उनका कहना था कि यमुना की सफाई पर काम चल रहा है और यह कोई छोटा काम नहीं है, बल्कि एक बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसमें विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने यह बात यमुना में दोबारा झाग बनने व नदी की सफाई को लेकर किए गए सवाल के जवाब में कही।
कार्यक्रम के दौरान जब सीएम गुप्ता से पूछा गया कि छठ के समय थोड़ी साफ दिख रही यमुना में एक बार फिर सफेद झाग बनने लगे हैं, और अब वह दोबारा मैली क्यों हो गई है। जिसके जवाब में सीएम ने कहा, 'यमुना की सफाई एक बहुत बड़ा विषय है, यह ना केवल आस्था का विषय है बल्कि साथ ही काम करने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट भी है। ऐसा भी नहीं है कि आपने कुछ निर्धारित दो-तीन चींजे कर दी और वह तुरंत साफ हो गई। अगर ऐसा होता तो वो कब की साफ हो गई होती।'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'यमुना की सफाई एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसमें बहुत सारे स्तरों पर काम करने की जरूरत थी। जिस पर हमने आते ही काम शुरू कर दिया। आज शहरभर के लगभग सब नाले यमुना में आकर गिरते हैं, उन्हें रोकने के लिए कोई और प्रोसेस बनाने का काम पिछली सरकारों ने नहीं किया। आज हमारी सरकार ने आने के बाद ही पुराने नालों को बंद करना, उन पर एसटीपी बनाना, पुराने नालों को अपग्रेड करना शुरू कर दिया। और यह सारा काम होने के बाद ही यमुना साफ कहलाएगी।'
सीएम गुप्ता ने आगे कहा, ‘तो यह एक दिन का काम नहीं हैं। आज हमारी सरकार ने आने के तुरंत बाद इन सब चीजों पर काम करना शुरू किया और यमुना सफाई का एक विस्तृत प्लान बनाया, ई-फ्लो कैसे बढ़े, जो पानी वर्तमान में आ रहा है वो कैसे साफ हो, हर चीज पर काम हो रहा है। आप जिस फॉगिंग या झाग की बात कर रहे हैं, वो पूरी यमुना में नहीं है, एक जो हमारा ओखला बैराज है, उसका स्ट्रक्चर कुछ इस तरह का है कि उसमें पानी ऊपर से नीचे गिरता है। और क्योंकि उसमें बड़ी मात्रा में कैमिकल होते हैं और बड़ी मात्रा में इंडस्ट्रियल कचरा होता है, जब वही पानी वहां ऊपर से नीचे गिरता है तो उसमें झाग बनते हैं।’
उन्होंने आगे कहा, 'छठ के समय एक्स्ट्रा कोशिशें करके पानी को साफ किया गया था। क्योंकि वो त्योहार का समय था। उसके बाद हम हर समय उसमें स्प्रे नहीं कर सकते।' यमुना की सफाई को लेकर उन्होंने कहा, कि नदी में जो औद्योगिक कचरा आ रहा है उसे बंद करना पड़ेगा। तब जाकर यमुना से झाग खत्म होंगे।




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