फरीदाबाद अग्निकांड की होगी जांच, भारी फोर्स तैनात; दहशत में लोग, सुरक्षा पर सवाल
फरीदाबाद के मुजेसर स्थित एक वर्कशॉप में केमिकल ड्रम फटने से भीषण आग लग गईए जिससे 20 वाहन जल गए। दमकल की 27 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत से आग बुझाई। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

फरीदाबाद के सेक्टर-24 मुजेसर स्थित एक वर्कशॉप में सोमवार को भीषण आग लग गई। आग ने केमीकल से भरे ड्रमों को चपेट में ले लिया जिससे करीब 20 मिनट तक लगातार धमाके होते रहे और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। डर के मारे लोग भागते नजर आए। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की 27 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में 20 से अधिक वाहन जलकर राख हो गए। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
धमाके इतने तेज थे जैसे लगा भूकंप आ गया हो
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके इतने तेज थे कि लगा जैसे भूकंप आ गया हो। लोगों ने बताया कि धमाकों से एक किलोमीटर दूर तक जमीन में कंपन महसूस किया गया। एक प्रत्यक्षदर्शी कमल मोहन ने बताया कि जिस वर्कशॉप में धमाका हुआ उसके पीछे एक और वर्कशॉप है जहां सिलेंडर फटने की आशंका है और इस धमाके से वर्कशॉप की दीवार गिर गई जिससे दो लोग दब गए और वर्कशॉप की एक सीएनसी मशीन और कर्मचारी नीचे की मशीन पर गिर पड़े।
वर्कशॉप के बाहर रखे थे केमीकल से भरे ड्रम
इसके बाद आग भड़क गई। वर्कशॉप के बाहर 20 से अधिक केमीकल से भरे ड्रम रखे थे। इनमें एक के बाद एक जोरदार धमाके होने लगे, जिससे आसपास खड़े वाहन भी आग की चपेट में आ गए। वर्कशॉप के बाहर रखे केमिकल के ड्रमों में एक के बाद एक विस्फोट होने से आग तेजी से फैली। घटना की सूचना मिलते ही मुजेसर थाने के साथ ही आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर के किसी भी बाहरी शख्स को अंदर जाने से रोक दिया है।
30 वर्कशॉप तत्काल बंद कराईं
मौके पर भारी फोर्स तैनात की गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की करीब 30 वर्कशॉप तत्काल बंद करवा दीं। कदम किसी अन्य स्थान पर आग या विस्फोट को रोका जा सके इसलिए उठाया गया है। जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने मौके पर लगभग चार घंटे तक सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान वर्कशॉप में रखी ज्वलनशील सामग्री, गैस सिलेंडर, केमिकल और सुरक्षा इंतजामों की स्थिति का निरीक्षण किया गया।
वर्कशॉपों में यह होते हैं काम
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मुजेसर का यह इलाका छोटे-छोटे औद्योगिक यूनिटों का बड़ा केंद्र है। यहां ऑटो पार्ट्स निर्माण, ऑयल कटिंग, वेल्डिंग, लोहे की प्लेटों की कटाई, स्क्रैप प्रोसेसिंग और मशीन मरम्मत से जुड़ी सैकड़ों वर्कशॉप संचालित होती हैं। इनमें बड़ी मात्रा में ज्वलनशील तेल, गैस सिलेंडर, केमिकल और लोहे के कबाड़ का भंडारण किया जाता है। पुलिस जांच में कई वर्कशॉपों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है।
लोगों में दहशत, सुरक्षा पर सवाल
अधिकारियों ने बताया कि कुछ वर्कशॉप में अग्निशमन उपकरण भी पर्याप्त संख्या में नहीं थे। घटना के बाद आसपास की कॉलोनी और मुजेसर गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने कहा है कि अस्थाई औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में खतरनाक सामग्री रखने वाली इकाइयां बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के संचालित हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से खतरनाक वर्कशॉप को आबादी से दूर करने और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की मांग की है।
प्रशासन करेगा व्यापक सर्वे
एसडीएम त्रिलोकचंद ने बताया कि घटना के बाद पूरे क्षेत्र का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि कितनी इकाइयां वैध हैं, किनके पास सुरक्षा प्रमाणपत्र हैं और किनमें नियमों का उल्लंघन हो रहा है। साथ ही अग्निशमन विभाग की ओर से वर्कशॉप संचालकों को प्रशिक्षण देने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही उसे नियंत्रित किया जा सके।
जांच के आदेश, होगा सख्त ऐक्शन
घटना के बाद जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा और डीसीपी हेडक्वाटर ने घटना स्थल का दौरा किया। अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी वर्कशॉप की वैधता, लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और अग्निशमन इंतजामों की जांच की जाएगी, जो इकाइयां नियमों का उल्लंघन करती पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यूनिट संचालकों को किया जाएगा जागरूक
वहीं मौके पर पहुंचे एसडीएम त्रिलोकचंद्र ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही ज्वलनशील सामग्री के सुरक्षित भंडारण और आग से बचाव के उपायों को लेकर यूनिट संचालकों को जागरूक किया जाएगा।
पहले हादसे से नहीं लिया सबक
सेक्टर-24 मुजेसर की वर्कशॉप में हुई यह कोई नई घटना नहीं है। आसपास के लोगों ने बताया कि छह महीने पहले भी वर्कशॉप में आग लगने की घटना हो चुकी है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे-छोटे यूनिटों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और जांच जारी है।




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