बकरीद के दिन DU में परीक्षा कराने पर बवाल, HC पहुंचे छात्र; बोले- ये मुस्लिमों के अधिकारों का हनन
इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के लॉ स्टूडेंट इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गए। कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अर्जी लगाई है कि ऐसा करना मुस्लिम छात्रों के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में बकरीद के दिन परीक्षा कराने को लेकर बवाल मचा हुआ है। आज छात्रों ने परीक्षा शाखा के बाहर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के लॉ स्टूडेंट इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गए। कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अर्जी लगाई है कि ऐसा करना मुस्लिम छात्रों के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है।
बकरीद, परीक्षा और छुट्टी वाला विवाद
दरअसल, केंद्र सरकार ने पहले घोषित 27 मई की छुट्टी को बदलकर 28 मई 2026 को ईद-उल-जुहा (बकरीद) की आधिकारिक छुट्टी घोषित किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट समेत कई सरकारी संस्थानों ने भी अपनी छुट्टियों में बदलाव कर दिया। हालांकि, आरोप है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उसी दिन परीक्षा कराने का फैसला बरकरार रखा।
विश्वविद्यालय के निर्णय को बताया असंवैधानिक
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि विश्वविद्यालय का यह निर्णय “मनमाना, भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक” है। याचिकाकर्ता ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने छुट्टी की तारीख बदल दी है, तब परीक्षा जारी रखना मुस्लिम छात्रों के मौलिक और धार्मिक अधिकारों के खिलाफ है।
यूनिवर्सिटी और अदालत ने क्या कहा
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार- सुनवाई के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अदालत को बताया, अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र या कोई भी दूसरा छात्र जो बकरीद का त्योहार मनाना चाहता है, वह DU की लॉ फैकल्टी के डीन को ईमेल से बता सकता है। उसकी परीक्षा 4 जुलाई के बाद होगी। HC ने बयान रिकॉर्ड किया और कहा कि लॉ फैकल्टी को एग्जाम की तारीख स्टूडेंट्स को कम से कम एक हफ्ता पहले ईमेल से बतानी होगी।
यूनिवर्सिटी में परीक्षा शाखा के बाहर प्रदर्शन
इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को छात्रों ने डीयू की परीक्षा शाखा के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने परीक्षा की तारीख बदलने की मांग की और कहा कि बकरीद मुस्लिम समुदाय का बड़ा धार्मिक पर्व है, ऐसे में परीक्षा आयोजित करना संवेदनशीलता की कमी दिखाता है।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक परीक्षा स्थगित करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। मामले पर अब सभी की नजर दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई है। आपको बता दें सुनवाई के लिए यह मामला जस्टिस जसमीत सिंह के सामने लिस्ट किया गया है।




साइन इन