दिल्ली के सरकारी आयोजनों में 'वंदे मातरम' गायन को लेकर DTTE का नया आदेश, पूरा गाना किया अनिवार्य
DTTE ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों के प्रभारी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि राष्ट्रगीत बिना किसी कटौती के सामूहिक रूप से गाया जाए। साथ ही, यह भी सुझाव दिया गया है कि स्कूलों और कॉलेजों की दैनिक गतिविधियों की शुरुआत भी राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ की जा सकती है।

दिल्ली सरकार के प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा विभाग (DTTE) ने अपने अधीन आने वाले सभी संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है और उनसे सरकारी कार्यक्रमों के दौरान गाए जाने वाले राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को अधूरा नहीं गाते हुए, सभी छह छंदों के साथ पूरा गाने का निर्देश दिया है।
इस बारे में DTTE की तरफ से मंगलवार को आदेश जारी किया गया। जिसमें बताया गया कि यह निर्देश सरकारी दफ्तरों, प्रशिक्षण संस्थानों और शैक्षणिक संस्थाओं पर लागू होगा, जहां कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत गाया जाता है। आदेश में बताया गया कि इस कदम का मकसद सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के गायन में एकरूपता लाना है और कुछ पैराग्राफ के चुनिंदा गायन से बचना है।
विभाग ने गौर किया है कि अक्सर आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान राष्ट्रगीत के केवल कुछ चुनिंदा हिस्सों को ही गाया जाता है। जिसके बाद विभाग ने अब इस 'चयनात्मक गायन' को रोककर पूरे गीत को निर्धारित तरीके से गाने का निर्देश दिया गया है। इसमें कहा गया है कि कार्यक्रम का आयोजन करने वाले अधिकारियों को सही कोऑर्डिनेशन के साथ इस बात को पक्का करना चाहिए ताकि राष्ट्रीय गीत बिना किसी चूक के, तय तरीके से, सामूहिक रूप से गाया जा सके।
DTTE ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों के प्रभारी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि राष्ट्रगीत बिना किसी कटौती के सामूहिक रूप से गाया जाए। साथ ही, यह भी सुझाव दिया गया है कि स्कूलों और कॉलेजों की दैनिक गतिविधियों की शुरुआत भी राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ की जा सकती है।
DTTE के अधीन निम्न संस्थाओं पर लागू होगा यह नियम
दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU)
नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT)
दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी
इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर विमेन (IGDTUW)
इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी दिल्ली (IIIT-D)
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (IGDTUW)
बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन
डिपार्टमेंट ऑफ कॉलेजिएट एडमिनिस्ट्रेशन
DTTE हेडक्वार्टर और सभी ITI (इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) संस्थान
केंद्र सरकार ने 28 जनवरी को किया था अनिवार्य
बता दें कि 28 जनवरी को केंद्र सरकार ने सभी शासकीय कार्यक्रमों और स्कूलों में वंदे मातरम के सभी छह छंदों का गायन अनिवार्य करने का निर्णय लिया था और गृह मंत्रालय ने इस संबंध में दिशानिर्देश भी जारी किए थे। इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देश के अनुसार जब राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान 'जन गण मन' एक साथ बजाए जाएं, तो राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के सभी छह छंद पहले गाए जाएं।
यह निर्देश केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी को जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत के लिए पहली बार औपचारिक प्रोटोकॉल तय किया है, जिसके तहत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत के सभी 6 छंदों को गाया जाएगा और इसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी। नए आदेश के अनुसार राष्ट्रपति के आगमन, तिरंगा फहराने और राज्यपालों के भाषण जैसे आधिकारिक समारोहों में इसे पूर्ण रूप से गाया जाना अनिवार्य किया गया है।




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