गद्दार ज्ञान ना दें; एनकाउंटर पर रोहित गोदारा की धमकी, लॉरेंस विश्नोई गैंग का जवाब
अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर गोलीबारी के दो आरोपी शूटर्स के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद रोहित गोदारा और लॉरेंस विश्नोई गैंग में तनातनी बढ़ गई है। दोनों गैंग ने खुद को 'धर्म की लड़ाई' का योद्धा बताते हुए एक दूसरे को धमकी दी है।

अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर गोलीबारी के दो आरोपी शूटर्स के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद रोहित गोदारा और लॉरेंस विश्नोई गैंग में तनातनी बढ़ गई है। दोनों गैंग ने खुद को 'धर्म की लड़ाई' का योद्धा बताते हुए एक दूसरे को धमकी दी है। रोहित गोदारा गैंग की ओर से गुरुवार को दी गई धमकी के बाद अब लॉरेंस विश्नोई गैंग से जवाब दिया गया है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अहम सदस्य हरि बॉक्सर ने शुक्रवार को फेसबुक पोस्ट के जरिए जवाब दिया। बॉक्सर ने रोहित गोदारा को गद्दार बताते हुए कहा कहा कि उसे लात मारकर निकाला गया था। गौरतलब है कि रोहित गोदारा कभी विश्नोई गैंग के लिए भी काम कर चुकी है। बॉक्सर ने लिखा, 'समाज के कुछ जयचंद आज एक महान योगी जिन्होंने पूरे भारतवर्ष के युवाओं के मन एवं आत्मा में हिन्दुत्व की ज्वाला उत्पन्न की उनको सनातन धर्म का ज्ञान देने की कोशिश कर रहे हैं और हमारे ग्रुप का नाम लेकर युवाओं को बरगलाने के लिए हमारे समाज की बहन बेटियों को अपमानित और डराने की कोशिश कर रहे हैं।'
बॉक्सर ने आगे लिखा कि अगर कोई सनातन धर्म पर उंगली उठाता है तो इसका जवाब हर हिंदू देना जानता है, किसी गद्दार के ज्ञान की आवश्यकता नहीं है। उसने आगे कहा, 'सभी भाइयों को सूचित किया जाता है कि गद्दारों के बहकावे में आकर अपना नुकसान न करवाए। इन लोगों को सिर्फ अपना जेब खर्च चलाना है और इन्हीं हरकतों के कारण इनको ग्रुप से लात मारकर निकाला गया है।' हरि बॉक्सर का असली नाम हरिचंद है। वह राजस्थान के अलवर जिले के बांसूर थाना क्षेत्र के चितरपुरा गांव का रहने वाला है।
बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने वाले दो बदमाशों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद गैंगस्टर रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर धमकी दी है कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि सनातन की हार है। इसका बदला लिया जाएगा। गौरतलब है कि 12 सितंबर रात लगभग तीन बजे अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित पैतृक घर पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं थीं। यह हमला उस परिवार पर किया गया जहां अभिनेत्री दिशा पाटनी की बड़ी बहन और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी खुशबू पाटनी अपने पूर्व पुलिस अधिकारी पिता जगदीश पाटनी व अन्य परिजन के साथ रहती हैं। घटना से पहले 11 सितंबर की रात भी उसी घर पर एक गोली चली चुकी थी।
पुलिस ने बताया कि 11 सितंबर की रात की यह घटना गोल्डी बराड़ गैंग के बागपत निवासी नकुल और विजय ने अंजाम दी थी। 12-13 सितंबर की रात हुए हमले की जिम्मेदारी रोहित गोदारा व गोल्डी बराड़ गैंग ने ली थी। वारदात बाद से ही हमलावरों की तलाश की जा रही थी। दिल्ली पुलिस और यूपी एसटीएफ साथ मुठभेड़ में दोनों आरोपी रविंद्र और अरुण गाजियाबाद ट्रोनिका सिटी में मारे गए थे।
एनकाउंटर बाद रोहित गोदारा ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया में कहा, 'हमारे जो दो शूटर्स मारे गए हैं, हम इसका बदला लेंगे। ये एनकाउंटर हमारे जीवन की बहुत बड़ी क्षति है। ये ढेर नहीं, शहीद हुए हैं। इन भाइयों ने धर्म के लिए अपना बलिदान दिया है। एक मुंह से सनातन सनातन चिल्लाते हो। जो सनातन के लिए लड़ाई लड़े, उसे मार दिया जाता है। ये इंसाफ नहीं है। ये जितने भी सनातन का नाम लेकर घूम रहे हैं, ये सिर्फ अपनी रोटी सेंक रहे हैं। ये एनकाउंटर नहीं, सनातन की हार हुई है।'
उसने आगे लिखा कि धर्म के लिए लड़ने वालों को इस हिंदुस्तान में मार दिया जाता है। अगर तुम इतने सच्चे हो तो उठाओ मुद्दा। हमारे शहीद भाइयों को इंसाफ दिलाओ। बाकी मैं पूरे देश को ये बता देना चाहता हूं कि ये सनातन की आड़ में एक धंधा चला है। हम वो काम कर सकते हैं, जिसकी ये कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। इसमें जिसका भी हाथ है, वो चाहे कितना भी पैसे वाला हो या पावर वाला हो, वक्त लग सकता है, माफी नहीं।




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