दिल्ली ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला: सड़क हादसे में मृत कर्मी के परिवार को 1.53 करोड़ मुआवजा
दिल्ली के मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने वर्ष 2022 में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रक्षा मंत्रालय के एक कर्मचारी के परिवार को 1.53 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला 16 फरवरी को सुनाया गया।

दिल्ली के मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने वर्ष 2022 में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रक्षा मंत्रालय के एक कर्मचारी के परिवार को 1.53 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला 16 फरवरी को सुनाया गया।
ट्रिब्यूनल के प्रिजाइडिंग ऑफिसर विजय कुमार झा ने यह आदेश मुकेश कुमार कश्यप (48) के परिवार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। कश्यप रक्षा मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट जनरल ऑफ एयरोनॉटिकल क्वालिटी एश्योरेंस (DGAQA) में एरोनॉटिकल क्वालिटी एश्योरेंस विंग (आर्मामेंट) में फोरमैन के पद पर कार्यरत थे।
मामले के अनुसार, 30 मई 2022 को कश्यप अपनी मोटरसाइकिल से ड्यूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक अन्य बाइक, जिसे कथित रूप से तेज गति और गलत दिशा में चलाया जा रहा था, ने उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में कश्यप गंभीर रूप से घायल हो गए और स्थानीय अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं ने संभावनाओं के आधार पर यह साबित किया है कि दुर्घटना आरोपी चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हुई, जिससे मृतक को घातक चोटें आईं।
बीमा कंपनी की ओर से यह दावा किया गया था कि टक्कर मारने वाला चालक शराब के प्रभाव में था। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने कहा कि मेडिकल लीगल केस (MLC) में डॉक्टर की राय मात्र एक अभिमत है, जिसे विधिक साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को यह स्वतंत्रता दी है कि यदि भविष्य में यह साबित हो जाए कि दुर्घटना के समय चालक के रक्त में अल्कोहल की मात्रा कानूनी सीमा से अधिक थी, तो वह मुआवजा राशि चालक और वाहन मालिक से वसूल सकती है।




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