आज का मौसम: दिल्ली-NCR में ठंड की विदाई शुरू! लेकिन तेज हवाएं कर रहीं परेशान
दिल्ली में खिली धूप से तापमान सामान्य से ऊपर पहुंचा है, वहीं प्रदूषण के मामले में जनवरी में गाजियाबाद देश में पहले और दिल्ली दूसरे स्थान पर रही। फिलहाल दिल्ली की हवा 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है।

राजधानी दिल्ली में धीरे-धीरे सर्दियों की विदाई की भूमिका बनने लगी है। दिनभर खिली धूप के चलते शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से डेढ़ डिग्री ज्यादा रहा। अगले दो दिनों में भी मौसम कमोबेश ऐसा ही रहने का अनुमान है। वहीं, दिल्ली की हवा लगातार खराब श्रेणी में बनी हुई है।
आज कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में शुक्रवार सुबह हल्की धुंध देखने को मिली। दिन चढ़ने के साथ ही धुंध साफ हो गई और धूप निकल आई। दिन के ज्यादातर समय तेज धूप रही। हालांकि, तेज हवाओं के चलते हल्की सर्दियों का अहसास बना रहा। दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस कम है। यहां आर्द्रता का स्तर 46 से 100 फीसदी तक रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को भी हवा की गति 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। जबकि, अधिकतम तापमान 23 से 25 और न्यूनतम तापमान 09 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय धुंध छाई रहेगी जो दिन चढ़ने के साथ ही साफ हो जाएगी।
प्रदूषण में थोड़ी कमी आई
तेज हवाओं के बावजूद दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में बनी हुई है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 220 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है।
जनवरी में सबसे प्रदूषित रहा गाजियाबाद
जनवरी महीने में गाजियाबाद शहर देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। जबकि, देश की राजधानी दिल्ली प्रदूषण के मामले में दूसरे स्थान पर रही। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी दिल्ली में जनवरी महीने पीएम 2.5 का औसत स्तर 169 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। जो कि वायु गुणवत्ता मानकों यानी 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से लगभग तीन गुना अधिक है। जबकि, गाजियाबाद में पीएम 2.5 का औसत मासिक स्तर 184 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। जो कि देश में सबसे ज्यादा रहा है।




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