दिल्ली को मिलेगा देश का पहला ‘नार्को पुलिस थाना’, राजधानी को नशामुक्त बनाने का प्रयास
ड्रग्स माफिया पर सख्त कार्रवाई के तहत दिल्ली पुलिस देश का पहला समर्पित ‘नार्को थाना’ स्थापित करने जा रही है। यह थाना ड्रग तस्करी से जुड़े जटिल मामलों की विशेष जांच करेगा और नशामुक्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

ड्रग्स माफिया पर सख्त कार्रवाई के तहत दिल्ली पुलिस देश का पहला समर्पित ‘नार्को थाना’ स्थापित करने जा रही है। यह थाना ड्रग तस्करी से जुड़े जटिल मामलों की विशेष जांच करेगा और नशामुक्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
यह थाना क्राइम ब्रांच की एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के मुख्यालय के अधीन काम करेगा। फिलहाल अधिकतर मामले स्थानीय थानों में दर्ज होते हैं, जिससे बड़े नेटवर्क तक पहुंचना मुश्किल होता है। नए थाने में जांच एक ही स्थान पर हो सकेगी।
जांच एजेंसियों का भी सहयोग मिलेगा
दिल्ली पुलिस का यह नार्को थाना अकेले काम नहीं करेगा, बल्कि इसे देश की सर्वोच्च जांच एजेंसियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) खुफिया जानकारी साझा करने और अंतर-राज्यीय नेटवर्क को समझने में सहयोग करेगी।
'विशेषज्ञ यूनिट' के रूप में काम करेगा
वहीं, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) सीमा पार से होने वाली तस्करी और ड्रग्स के वित्तीय पहलुओं की जांच में तकनीकी सहायता प्रदान करेगी। यह थाना एक 'विशेषज्ञ यूनिट' के रूप में काम करेगा, जो आधुनिक तकनीक और उन्नत फोरेंसिक सुविधाओं से लैस होगा।
टीम की ताकत ढाई गुना बढ़ेगी
नार्को थाना बनने से ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में एएनटीएफ की ताकत ढाई गुना बढ़ेगी। मौजूदा करीब 100 कर्मियों की संख्या बढ़कर 250 होगी। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित नए मुख्यालय परिसर में थाना होने से समन्वय बेहतर होगा और कार्रवाई तेज व प्रभावी बनेगी।




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