एक फाइल खोली और हो गया खेल; दिल्ली के रिटायर्ड आर्मी अफसर से 90000 का फ्रॉड
ये आरोपी खुद को जरूरी सेवाओं (जैसे बिजली या गैस) का प्रदाता बताकर लोगों से संपर्क करते थे। वे लोगों को फर्जी एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए मना लेते थे, जिससे उन्हें बैंक के गोपनीय विवरण मिल जाते थे और वे गैरकानूनी तरीके से पैसे निकाल लेते थे।

दिल्ली पुलिस ने एक 61 साले के सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी 90,000 से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इन आरोपियों ने खुद को एक गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर इस ठगी को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विक्की मंडल उर्फ विक्की (22), सुमित कुमार सिंह (26) और राजीव कुमार मंडल (22) के रूप में हुई है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, ये आरोपी खुद को जरूरी सेवाओं (जैसे बिजली या गैस) का प्रदाता बताकर लोगों से संपर्क करते थे। वे लोगों को फर्जी एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए मना लेते थे, जिससे उन्हें बैंक के गोपनीय विवरण मिल जाते थे और वे गैरकानूनी तरीके से पैसे निकाल लेते थे। आरोपियों ने पीड़ित को बहला-फुसलाकर उनके मोबाइल फोन पर एक खतरनाक 'APK फाइल' (सॉफ्टवेयर फाइल) इंस्टॉल करवा दी। इस फाइल के जरिए आरोपियों ने पीड़ित के बैंकिंग विवरणों (जैसे बैंक खाते की जानकारी) तक पहुंच बना ली थी।
क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। डीसीपी (क्राइम) आदित्य गौतम ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि यह धोखाधड़ी कई मोबाइल और सिम कार्ड के जरिए एक संगठित और समन्वित तरीके से की जा रही थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से नौ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सात मोबाइल डिवाइस की डिजिटल जांच से पीड़ितों के विवरण और कई ऐसी फर्जी APK फाइलें मिली हैं, जो नामी संस्थानों के नाम पर बनाई गई थीं। जांचकर्ताओं ने इन आरोपियों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 35 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जोड़ा है। इससे यह संकेत मिलता है कि ये लोग आदतन इस तरह के संगठित अपराधों में शामिल रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल निवासी बिक्की मंडल पर कई मोबाइल नंबरों के जरिए खतरनाक 'APK फाइलें' फैलाने का आरोप है। वह पहले भी साल 2024 में आसनसोल में एक साइबर अपराध के मामले में शामिल रहा है। झारखंड के जामतारा निवासी सुमित कुमार सिंह और राजीव कुमार मंडल के पास से भी कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि सुमित कुमार सिंह के खिलाफ झारखंड में पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन सभी आरोपियों को आसनसोल से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आगे बताया कि धोखाधड़ी के डिजिटल सबूतों को ट्रैक करने, अन्य पीड़ितों की पहचान करने और ठगे गए पैसे वापस पाने के लिए जांच अभी जारी है।




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