फिर 'गंभीर' स्तर के करीब पहुंची दिल्ली की हवा, 20 जगहों पर रेड जोन में पहुंचा AQI
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता एकबार फिर 'गंभीर' स्तर के करीब पहुंच गई है। औसत एक्यूआई 385 रिकॉर्ड किया गया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में कम से कम 20 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई रेड जोन में दर्ज किया गया है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां शनिवार को औसत एक्यूआई (AQI) 385 दर्ज किया गया। दिल्ली के 20 इलाकों में एक्यूआई 400 के पार 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की धीमी गति और बारिश नहीं होने से प्रदूषक कण जम गए हैं जिससे हवा मानकों से सवा तीन गुना अधिक जहरीली हो गई है। अगले दो दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं है।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के डेटा के अनुसार, दिल्ली के कम से कम 20 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों ने गंभीर कैटेगरी में रीडिंग दर्ज की। यानी ये स्टेशन रेड जोन में पाए गए। सीपीसीबी के ‘समीर ऐप’ के आंकड़ों के अनुसार, शादीपुर, विवेक विहार, अशोक नगर, बावना, चांदनी चौक, डीटीयू, द्वारका, आईटीओ और मुंडका आदि केंद्रों पर एक्यूआई 400 से ऊपर दर्ज किया गया।
विवेक विहार में एक्यूआई 440, आनंद विहार में 438, नेहरू नगर में 434, वजीरपुर में 425, शादीपुर में 422, रोहिणी में 422, पटपड़गंज में 422, ओखला फेज-2 में 417, आईटीओ में 415, बवाना में 412 रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI शुक्रवार को 332 की तुलना में शनिवार शाम को 4 बजे 385 था। यह 'बहुत खराब' श्रेणी में यानी गंभीर श्रेणी के नजदीक दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों की मानें तो हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक कणों का बिखराव बेहद धीमा हो गया है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में ही रहेगी।
दिल्लीवासियों को इस बार दिसंबर के महीने में सामान्य से अधिक प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ रही है। प्रदूषण फैलाने वाले तमाम स्रोत पहले की तरह ही सक्रिय हैं वरन सर्द मौसम के कारण बायोमास और कचरा जलाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इससे प्रदूषण और बढ़ा है। हवा की गति अत्यंत धीमी होने और लंबे समय से बारिश न होने के कारण प्रदूषक कण वायुमंडल से साफ नहीं हो पा रहे हैं। इन्हीं कारणों से प्रदूषण का स्तर पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है।
मानकों के अनुसार, शनिवार दोपहर तीन बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 326.4 और पीएम 2.5 का स्तर 212 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 का स्तर 60 से नीचे होने पर ही उसे स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना जाता है। यानी हवा में मानकों से सवा तीन गुना अधिक प्रदूषक कण मौजूद हैं।
फिलहाल दिल्ली के लोगों को इस जहरीली हवा से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अगले दो दिनों तक हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने की संभावना है जिससे प्रदूषक कण वायुमंडल में टिके रहेंगे और वायु गुणवत्ता बेहद खराब या गंभीर श्रेणी के बीच में बनी रहेगी।




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