7 साल की बच्ची से दिलवाया लालच, फिर कर लिया 3 साल की मासूम को अगवा, दिल्ली में चाइल्ड ट्रैफिकिंग की बड़ी साजिश नाकाम
दिल्ली पुलिस ने कश्मीरी गेट इलाके से अगवा की गई तीन साल की बच्ची को सुरक्षित छुड़ाकर एक बड़े चाइल्ड ट्रैफिकिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

दिल्ली पुलिस ने कश्मीरी गेट इलाके से अगवा की गई तीन साल की बच्ची को सुरक्षित छुड़ाकर एक बड़े चाइल्ड ट्रैफिकिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। बच्ची को भीख मांगने वाले एक परिवार ने अगवा किया था, जिनकी योजना उसे नेपाल तस्करी करने की थी। पुलिस ने इस मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके चंगुल से बच्ची के अलावा भीख मांगने में शामिल दो अन्य नाबालिगों को भी मुक्त कराया है।
कैसे हुई वारदात और पुलिस की कार्रवाई
घटना 12 जनवरी की है, जब Minerva सिनेमा रोड पर दुकान चलाने वाले मुजफ्फर अली की तीन साल की बेटी अचानक गायब हो गई। डीसीपी (उत्तर) राजा बांठिया के मुताबिक, मामला दर्ज होते ही 100 पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि एक 7 साल की बच्ची ने खेल रही बच्ची को बहला-फुत्ताकर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचाया, जहां से परिवार उसे लेकर गायब हो गया।
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12 किलोमीटर तक पीछा और गिरफ्तारी
पुलिस ने करीब 12 किलोमीटर तक सीसीटीवी और ई-रिक्शा के रूट का पीछा किया, जो 'वेलकम' इलाके में जाकर खत्म हुआ। आखिरकार शनिवार को यमुना बाजार के हनुमान मंदिर के पास से बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 52 साल की नजीमा, उसके 52 साल के पति अनीस और 26 साल के दामाद शमशाद आलम के रूप में हुई है। ये सभी मूल रूप से बिहार के किशनगंज के रहने वाले हैं।
नेपाल भेजने और अंग तस्करी की थी योजना
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने उसी रात अपना किराए का कमरा बदल लिया था। वे बच्ची को नेपाल ले जाने की फिराक में थे। उनका इरादा बच्ची को किसी निसंतान दंपत्ति को बेचने, भीख मांगने वाले सिंडिकेट को देने या फिर ज्यादा मुनाफे के लिए अंग तस्करी (organ trafficking) करने का था। फिलहाल बच्ची को उसके पिता को सौंप दिया गया है।




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