दिल्ली में सम्मोहन के जरिए 98 हजार की ठगी, आरोपी ने बाइक की EMI चुकाने की वारदात
सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर सोमवार को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि चारों आरोपियों में से विनय और नवीन दोनों एक फूड डिलीवरी एप्लीकेशन के लिए काम करते हैं। आकाश मजदूर है और रोहित बेरोजगार है।
दिल्ली में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस के पास पहुंचे एक शख्स ने दावा किया कि तीन लोगों ने उसे सम्मोहित करते हुए उससे 98 हजार रुपए ठग लिए। जिसके बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 27 हजार रुपए भी बरामद कर लिए हैं।
पीड़ित शख्स का कहना था कि चार आरोपियों में से तीन से उसकी दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। जिसके बाद पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने ठगी में शामिल चार आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान विनय (24 साल), नवीन (24 साल), रोहित (24 साल) और आकाश (22 साल) के रूप में हुई है।
अलग-अलग खातों में जमा कराई रकम
इस बारे में जानकारी देते हुए मंगलवार को एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि '26 सितंबर की रात करीब सवा 11 बजे रणहोला पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति के अपहरण और लूट के संबंध में कॉल आई। उसने बताया कि तीन लोगों ने उसे सम्मोहित कर 98,000 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।' जिसके बाद उसकी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई।
आगे उन्होंने बताया कि टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और उसके आधार पर सोमवार को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि चारों आरोपियों में से विनय और नवीन दोनों एक फूड डिलीवरी एप्लीकेशन के लिए काम करते हैं। आकाश मजदूर है और रोहित बेरोजगार है।
बरामद हुए 27 हजार रुपए
पुलिस उपायुक्त जिमी चिराम ने बताया, 'हमने उनसे ठगी गई रकम में से 27,000 रुपए बरामद कर लिए हैं।' डीसीपी चिराम ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे लोगों से जुड़ने और उन्हें ठगने के लिए फ्रेंडशिप एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते थे।
बाइक की किस्त भरने की ठगी
चारों आरोपियों में से विनय ने कबूल किया कि उसने फाइनेंस कंपनी से अपनी सोने की चेन छुड़ाने के लिए लोगों को ठगा। जबकि नवीन को अपनी मोटरसाइकिल की किश्तें भरनी थीं। डीसीपी चिराम ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।




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