दिल्ली में जनवरी की बारिश ने तोड़ा बीते 4 साल का रिकॉर्ड; पारा और AQI में हुई गिरावट
पुराने आंकड़ों को देखें तो मालूम चला कि साल 2022 के बाद जनवरी में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के बीच राजधानी में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई और वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।

देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को गरज के साथ भारी बारिश हुई। पुराने आंकड़ों को देखें तो मालूम चला कि साल 2022 के बाद जनवरी में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के बीच राजधानी में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई और वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।
जनवरी 2022 की रिकॉर्ड बारिश
हाल ही में हुई बारिश के साथ, दिल्ली में जनवरी महीने की कुल वर्षा 24 मिलीमीटर तक पहुंच गई है, जो 2022 के बाद से जनवरी महीने की सबसे अधिक बारिश है। हाल के वर्षों में जनवरी का सबसे अधिक वर्षा वाला दिन आठ जनवरी 2022 रहा है, जब शहर में 40.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
जनवरी 2026 की रिकॉर्ड बारिश
इस महीने, दिल्ली में 23 जनवरी को 19.8 मिमी वर्षा हुई थी, और मंगलवार को सफदरजंग में 4.2 मिमी और अन्य स्टेशन पर थोड़ी वर्षा दर्ज की गई, जिससे शाम 5:30 बजे तक जनवरी की कुल वर्षा 24 मिमी तक पहुँच गई। यह जनवरी के महीने में 2022 को छोड़कर चार वर्षों में यह सबसे अधिक बारिश है।
जानिए तापमान के हाल-चाल
अब बात करते हैं तापमान की। दिल्ली के सफदरजंग में अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस कम है। दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान के 12 डिग्री सेल्सियस तक और अधिकतम तापमान के 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
वायु गुणवत्ता में आई गिरावट
बारिश के बावजूद दिन के दौरान वायु गुणवत्ता में गिरावट आई, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 336 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
बारिश के अन्य आंकड़े भी जानिए
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 27 जनवरी को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक के बीच दर्ज की गई औसत वर्षा सफदरजंग में 4.2 मिमी, पालम में 14.6 मिमी, लोदी रोड में 3.4 मिमी, रिज में 14.4 मिमी और आयानगर में 4.0 मिमी रही। इससे पहले 23 जनवरी को भारी बारिश हुई, जो पिछले दो वर्षों में जनवरी की सबसे ज्यादा बारिश रही। इसके कारण तापमान में भारी गिरावट आई और प्रदूषण के उच्च स्तर से कुछ समय के लिए राहत मिली।




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