दिल्ली में E-सिगरेट रैकेट का पर्दाफाश, गिरोह का एक तस्कर अरेस्ट, मौके से मिले ये सामान
6 जनवरी 2026 को सटीक और विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, ANS (एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड) की टीम ने एक विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान अमन अंसारी के रूप में पहचाने गए एक संदिग्ध स्कूटी सवार को रोका गया।

दिल्ली में आज ई-सिगरेट के अवैध रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने मौके से भारी मात्रा में अवैध खेप जब्त की है। कार्रवाई के बाद ई-सिगरेट का एक सप्लायर सहित 749 यूनिट ई-सिगरेट, 145 रिफिल और 278 फिल्टर बरामद हुए हैं। एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड (ANS-SE) वर्तमान में इस रैकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज (माल कहाँ से आ रहा था और किन बड़े खरीदारों तक पहुंच रहा था) को मैप करने के लिए आगे की जांच कर रही है।
6 जनवरी 2026 को सटीक और विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, ANS (एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड) की टीम ने एक विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान अमन अंसारी के रूप में पहचाने गए एक संदिग्ध स्कूटी सवार को रोका गया। शुरुआती तलाशी में उसके पास से 6 ई-सिगरेट बरामद हुईं। गहन और कुशल पूछताछ के बाद, आरोपी ने एक गुप्त गोदाम के ठिकाने का खुलासा किया। इसके तुरंत बाद, इंस्पेक्टर विष्णु दत्त (प्रभारी ANS/SED) के नेतृत्व में एक टीम, जिसमें एसआई अजीत सिंह, सुधीर कुमार, यशपाल सिंह और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, ने दिल्ली के संत नगर, ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित एक गोदाम पर सुनियोजित छापेमारी की।
इस छापेमारी के दौरान दिल्ली-NCR क्षेत्र में अवैध वितरण के लिए रखी गई एक बड़ी खेप बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई में ज़ब्त किए गए सामान का विवरण इस प्रकार है-
➤ई-सिगरेट (E-Cigarettes): 749 यूनिट (विभिन्न प्रीमियम ब्रांड और फ्लेवर)
➤रिफिल (Refills): 145 यूनिट
➤फिल्टर (Filters): 278 यूनिट
'इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019' (PECA) की धारा 4, 6 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट (अवैध नेटवर्क) का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह माल कहां से लाया जा रहा था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से बड़े सप्लायर शामिल हैं।
कड़ी पूछताछ में अमन अंसारी ने खुलासा किया कि वह एक बड़े नेटवर्क के लिए डिस्ट्रीब्यूटर (वितरक) के रूप में काम कर रहा था। इन प्रतिबंधित वस्तुओं के भंडारण और ऊंचे दामों पर सप्लाई के प्रबंधन के लिए उसे 25,000 से 30,000 मासिक वेतन मिलता था। यह भी सामने आया कि वह एक ई-सिगरेट को 3,000 से 4,000 के बीच बेच रहा था।
आरोपी का नामअमन अंसारी (उम्र 31 वर्ष) है और वह तैमूर नगर, एनएफसी (NFC), दिल्ली का रहने वाला है। आरोपी का पहले का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है। एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड (ANS-SE) वर्तमान में इस रैकेट के "बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज" (माल कहाँ से आ रहा था और किन बड़े खरीदारों तक पहुँच रहा था) को मैप करने के लिए आगे की जांच कर रही है। यह ऑपरेशन सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता और राजधानी में संगठित अवैध व्यापार नेटवर्क को ध्वस्त करने के पेशेवर संकल्प को दर्शाता है।




साइन इन