Delhi High Court order to Private school of admission 35 students to another school 35 छात्रों के दूसरे स्कूल में दाखिले का खर्च उठाए प्राइवेट स्कूल : दिल्ली हाईकोर्ट ने क्यों दिया यह आदेश, Ncr Hindi News - Hindustan
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35 छात्रों के दूसरे स्कूल में दाखिले का खर्च उठाए प्राइवेट स्कूल : दिल्ली हाईकोर्ट ने क्यों दिया यह आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने 35 छात्रों के हक में फैसला सुनाते हुए कहा कि इन बच्चों से गैरकानूनी तरीके से महीनों तक फीस वसूलने वाले प्राइवेट स्कूल को अब इनके दूसरे स्कूल में दाखिले का खर्च उठाना होगा।  

Sun, 18 Jan 2026 11:50 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, हेमलता कौशिक
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35 छात्रों के दूसरे स्कूल में दाखिले का खर्च उठाए प्राइवेट स्कूल : दिल्ली हाईकोर्ट ने क्यों दिया यह आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने 35 छात्रों के हक में फैसला सुनाते हुए कहा कि इन बच्चों से गैरकानूनी तरीके से महीनों तक फीस वसूलने वाले प्राइवेट स्कूल को अब इनके दूसरे स्कूल में दाखिले का खर्च उठाना होगा। हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूल को निर्देश दिया है कि वह हर छात्र के दाखिले की रसीद के हिसाब से रकम का भुगतान करे।

जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि 11वीं क्लास के इन छात्रों के भविष्य को किसी हाल में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इन्हें न केवल दूसरे स्कूल में दाखिला दिया जाए, बल्कि केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इन छात्रों की अपनी वेबसाइट पर सूची जारी करे। इससे इन छात्रों के भविष्य के 2 साल खराब होने से बचाया जाना जरूरी है।

रिचमंड ग्लोबल स्कूल से जुड़ा है मामला

यह मामला पश्चिमी विहार स्थित रिचमंड ग्लोबल स्कूल से जुड़ा है। सीबीएसई ने इस स्कूल की 9वीं से लेकर 12वीं क्लास तक की मान्यता को अप्रैल 2025 में रद्द कर दिया था। स्कूल ने इसकी जानकारी छात्रों को नहीं दी। दिसंबर 2025 तक स्कूल ने सभी छात्रों से फीस वसूली। यहां तक की 10वीं व 12वीं के छात्रों से सीबीएसई को जमा की जाने वाली परीक्षा फीस भी ली गई। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में छात्रों को सीबीएसई की मान्यता रद्द होने की जानकारी दी गई। इसके बाद छात्रों ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।

वकील अशोक अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर पहले ही इस स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल चुकी है। मुद्दा 11वीं कक्षा के छात्रों का इस समय भविष्य दांव पर लगने को लेकर था। यदि ये छात्र 11वीं कक्षा की परीक्षा नहीं दे पाते तो अगले सत्र में वह 12वीं कक्षा में नहीं पढ़ पाते। इस आदेश से अप्रत्यक्ष रूप से 75 छात्रों को लाभ मिला है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 15 मई 2025 को प्राइवेट स्कूल को निर्देश दिया था कि सीबीएसई ने मान्यता रद्द कर दी है।

वसूली गई फीस लौटाने पर होगी सुनवाई

बेंच ने गैर कानूनी तरीके से 9 महीने तक छात्रों के अभिभावकों से फीस वसूलने वाले प्राइवेट स्कूल को कहा है कि फीस वापस करने के मुद्दे पर अगली तारीख पर विचार किया जाएगा। बेंच ने साथ ही इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तारीख तय की है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया है कि सत्र के अंतिम चरण में वह इन छात्रों को पश्चिमी जिले के सरकारी स्कूलों में दाखिला देने को तैयार हैं।

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