Delhi HC directs reinstatement of BSF constable discharged for being HIV positive केवल HIV पॉजिटिव होने पर नौकरी से नहीं निकाल सकते, HC ने बर्खास्ती रद्द की; बहाली के आदेश, Ncr Hindi News - Hindustan
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केवल HIV पॉजिटिव होने पर नौकरी से नहीं निकाल सकते, HC ने बर्खास्ती रद्द की; बहाली के आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि केवल एचआईवी पॉजिटिव होने के आधार पर सेवा से बर्खास्त नहीं किया जा सकता। दो जजों की पीठ बीएसएफ कर्मी की सेवा में बहाली की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उसने अपनी बर्खास्तगी आदेश को रद्द करने की मांग की थी।

Thu, 18 Dec 2025 08:35 PMSubodh Kumar Mishra पीटीआई, नई दिल्ली
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केवल HIV पॉजिटिव होने पर नौकरी से नहीं निकाल सकते, HC ने बर्खास्ती रद्द की; बहाली के आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि केवल एचआईवी पॉजिटिव होने के आधार पर सेवा से बर्खास्त नहीं किया जा सकता। दो जजों की पीठ बीएसएफ कर्मी की सेवा में बहाली की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उसने अपनी बर्खास्तगी आदेश को रद्द करने की मांग की थी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई 2017 में एचआईवी पॉजिटिव होने के आधार पर सेवा से बर्खास्त किए गए बीएसएफ कांस्टेबल को बहाल करने का आदेश दिया है। जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ बीएसएफ कर्मी की सेवा में बहाली की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें 9 अप्रैल, 2019 के बर्खास्तगी आदेश और उसके खिलाफ अपील को रद्द करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की गई थी।

16 दिसंबर के एक आदेश में कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता की मेडिकल कंडीशन उसे मूल रूप से नियुक्त कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के पद पर काम करने की इजाजत नहीं देती है तो उसे किसी अन्य समकक्ष पद पर वैकल्पिक नियुक्ति करनी होगी, जिसके लिए वह उपयुक्त हो।

कोर्ट ने कहा कि कांस्टेबल को सेवामुक्त करने के बजाय समकक्ष अतिरिक्त पद पर तैनात किया जा सकता था। अतिरिक्त पद एक ऐसा अस्थायी पद होता है जो ऐसे कर्मचारी को समायोजित करने के लिए बनाया जाता है जिसे नियमित तैनाती नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने कहा कि एचआईवी से पीड़ित होने के अलावा बर्खास्तगी का कोई आधार नहीं था। जैसे कि नौकरी के लिए अनुपयुक्त होना या उनके कार्य करने के तरीके के बारे में कोई शिकायत होना। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत किसी भी सरकारी संस्थान को रोजगार से संबंधित किसी भी मामले में किसी दिव्यांग के साथ भेदभाव करने की अनुमति नहीं है।

जज ने कहा कि चाहे इस मामले को एचआईवी अधिनियम के नजरिए से देखा जाए या आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम के नजरिए से, याचिकाकर्ता को केवल एचआईवी पॉजिटिव होने के आधार पर बीएसएफ में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता था।

6 जुलाई 2017 को कांस्टेबल एचआईवी पॉजिटिव पाया गया, लेकिन इलाज के बाद नवंबर 2018 में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उसी महीने उसकी दोबारा जांच की गई और उसे सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। अगले साल 9 अप्रैल 2019 को शारीरिक रूप से अयोग्य होने के आधार पर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इस आदेश के खिलाफ दायर अपील को भी बीएसएफ के अपीलीय प्राधिकरण ने 9 अक्टूबर 2020 को खारिज कर दिया।

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