Delhi excise policy corruption case, No incriminating evidence to frame charges against Kejriwal दिल्ली आबकारी नीति मामले में सुनवाई, केजरीवाल के वकील बोले- आरोप तय करने के लिए सबूत ही नहीं, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली आबकारी नीति मामले में सुनवाई, केजरीवाल के वकील बोले- आरोप तय करने के लिए सबूत ही नहीं

सीबीआई के दावे के उलट अदालत में बचाव पक्ष की तरफ से यह तर्क भी दिया गया था कि अबतक ऐसा कोई लिंक नहीं मिला है जिससे पता चले कि केजरीवाल ने किसी को साउथ लॉबी से पैसे लेने के लिए कहा था।

Wed, 11 Feb 2026 03:54 PMSourabh Jain एएनआई, नई दिल्ली
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दिल्ली आबकारी नीति मामले में सुनवाई, केजरीवाल के वकील बोले- आरोप तय करने के लिए सबूत ही नहीं

दिल्ली में शराब घोटाले के लिए जिम्मेदार आबकारी नीति बनाने और भ्रष्टाचार करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में आरोप तय करने के मुद्दे पर अपनी दलीलें पूरी कर लीं। केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने अदालत में उनका पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ आरोप तय करने के लिए कोई ठोस या आपत्तिजनक सबूत मौजूद ही नहीं हैं। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने केजरीवाल की ओर से रखी गई दलीलों को सुना और आरोपियों के वकीलों से अपनी लिखित दलीलें फाइल करने को कहा।

अब इस मामले में 12 फरवरी को सीबीआई की ओर से जवाबी दलीलें पेश की जाएंगी। सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) डीपी सिंह पक्ष रख रहे हैं। सुनवाई के दौरान केजरीवाल के वकील हरिहरन ने दलील दी कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने के लिए कोई सबूत नहीं है।

चार्जशीट को बताया कॉपी-पेस्ट, केजरीवाल का नाम बाद में जोड़ा गया

इससे पहले 17 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हरिहरन ने कहा था कि केजरीवाल के खिलाफ दायर की गई चार्जशीट, पिछली चार्जशीट का कट-एंड-पेस्ट काम है और उसमें उनके खिलाफ कोई नया या ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल मुख्यमंत्री के तौर पर अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। बचाव पक्ष ने साथ ही यह भी कहा कि केजरीवाल का नाम पहली चार्जशीट या तीन पूरक चार्जशीट में नहीं था, लेकिन उनका नाम चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आया, जो पहले के आरोपों की पुनरावृत्ति मात्र है। यह केजरीवाल के खिलाफ आरोपों का कट-एंड-पेस्ट है।

वकील बोले- साउथ लॉबी से धन लेने का कोई लिंक नहीं

अदालत में बचाव पक्ष की तरफ से यह तर्क भी दिया गया था कि अबतक ऐसा कोई लिंक नहीं मिला है जिससे पता चले कि केजरीवाल ने किसी को साउथ लॉबी से पैसे लेने के लिए कहा था। सीबीआई का आरोप है कि प्रस्तावित दिल्ली आबकारी नीति को अपने पक्ष में करने के लिए ‘साउथ लॉबी’ ने 100 करोड़ रुपए दिए थे। बचाव पक्ष ने आगे कहा कि आगे की जांच के लिए अदालत की अनुमति जरूरी है और ऐसी जांच से प्राप्त साक्ष्य आरोपियों की दोषसिद्धि से सीधे तौर पर जुड़े होने चाहिए।

मगुंटा के बयान पर अदालत ने विस्तार से जानकारी मांगी

सुनवाई के दौरान अदालत ने सीनियर वकील से मगुंटा राघव के बयान पर विस्तार से जानकारी मांगी। मगुंटा पहले इस मामले में आरोपी था और अब सरकारी गवाह (अप्रूवर) बन चुका हैं। आरोप है कि किसी ने मगुंटा केजरीवाल की ओर से पैसे देने के लिए कहा था। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि ऐसा कोई प्रत्यक्ष लिंक या विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं है जो केजरीवाल को कथित धन लेनदेन से जोड़ता हो।

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