Delhi court sends 5 accused to jail, extends judicial custody of 2 others in Red Fort blast case लाल किला ब्लास्ट मामले के 5 आरोपियों को दिल्ली की अदालत ने जेल भेजा, 2 अन्य की न्यायिक हिरासत बढ़ाई, Ncr Hindi News - Hindustan
More

लाल किला ब्लास्ट मामले के 5 आरोपियों को दिल्ली की अदालत ने जेल भेजा, 2 अन्य की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

NIA के अनुसार, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला डार, इस हमले में मारे गए उमर-उन-नबी का करीबी साथी था। उमर-उन-नबी वही सुसाइड बॉम्बर था जो 10 नवंबर को रेड फोर्ट के बाहर धमाका करने वाली विस्फोटक से भरी कार चला रहा था।

Fri, 16 Jan 2026 07:36 PMSourabh Jain पीटीआई, नई दिल्ली
share
लाल किला ब्लास्ट मामले के 5 आरोपियों को दिल्ली की अदालत ने जेल भेजा, 2 अन्य की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को लाल किले के पास हुए कार धमाका मामले के आरोपी तीन डॉक्टरों और एक धार्मिक उपदेशक सहित पांच आरोपियों को 13 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस दौरान स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें इन पांचों आरोपियों डॉ. अदील राथर, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुज़म्मिल गनई, मौलवी इरफ़ान अहमद वागे और जासिर बिलाल वानी की न्यायिक हिरासत मांगी गई थी। इसके अलावा कोर्ट ने दो अन्य आरोपियों यासिर अहमद डार और नसीर बिलाल मल्ला की न्यायिक हिरासत भी बढ़ा दी।

NIA ने पिछले साल 17 नवंबर को श्रीनगर में वानी को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि उसने ड्रोन को मॉडिफाई करके आतंकी हमलों के लिए टेक्निकल सपोर्ट दिया था और 10 नवंबर को लाल किला के पास हुए सुसाइड ब्लास्ट से पहले रॉकेट बनाने की कोशिश की थी, मेट्रो स्टेशन के पास हुए इस ब्लास्ट में 15 लोगों की जान चली गई थी।

NIA के अनुसार, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला डार, इस हमले में मारे गए उमर-उन-नबी का करीबी साथी है। उमर-उन-नबी वही सुसाइड बॉम्बर था जो 10 नवंबर को रेड फोर्ट के बाहर धमाका करने वाली विस्फोटक से भरी कार चला रहा था। केन्द्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि नसीर ने जानबूझकर उमर-उन-नबी को लॉजिस्टिकल सपोर्ट देकर पनाह दी थी और आतंकी हमले से जुड़े सबूतों को भी नष्ट कर दिया था। NIA ने इस मामले में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

ईडी ने अल फलाह विश्वविद्यालय की संपत्तियां कुर्क कीं

उधर इसी विस्फोट के बाद जांच एजेंसियों के रडार पर आए हरियाणा स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की लगभग 140 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कुर्क कर लीं। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके ट्रस्ट के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है। अल फलाह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय राजधानी में पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए कार बम विस्फोट के बाद केंद्रीय एजेंसियों की जांच के घेरे में है।

अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी एक अंतरिम आदेश के तहत फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित विश्वविद्यालय की 54 एकड़ भूमि, विश्वविद्यालय की इमारतों, विभिन्न स्कूलों और विभागों से संबंधित इमारतों और छात्रावासों को कुर्क कर लिया गया है।

सिद्दीकी को नवंबर में ईडी ने उनके ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन के आरोपों में गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने दावा किया कि शिक्षण संस्थानों के पास शिक्षण के लिए आवश्यक वैध मान्यता नहीं थी।

अल फलाह विश्वविद्यालय उस सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल के खिलाफ जांच के दौरान सुर्खियों में आया है, जिसके सिलसिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन चिकित्सकों सहित कम से कम 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। लाल किले के करीब हुए विस्फोट को अंजाम देने वाला उमर उन नबी भी इसी अल फलाह मेडिकल कॉलेज में बतौर डॉक्टर सेवा दे रहा था।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।