दिल्ली में एंटी स्मॉग गन की जगह लेगा मिस्ट स्प्रे सिस्टम, प्रदूषण से लड़ने के लिए सरकार ने बनाई नई रणनीति
प्रदूषण को कम करने के लिए पूरी दिल्ली में 500 पेट्रोल पंपों पर तीन शिफ्टों में चौबीस घंटे प्रति शिफ्ट 2 डीटीसी ड्राइवरों को प्रदूषण नियंत्रण की जांच करने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को ईंधन भरने से रोकने के लिए तैनात किया गया है।

दिल्ली की ऊंची इमारतों पर जल्द ही एंटी स्मॉग गन की जगह मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगे हुए नजर आएंगे। दिल्ली सरकार ऐसा करने के लिए इजाजत देगी और फिलहाल सरकार इसके लिए मौजूदा नियमों में बदलाव करने की योजना बना रही है। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दी। इस बारे में एक बयान जारी करते हुए सीएम ने बताया कि यह देखा गया है कि ऊंची इमारतों पर लगाई गई एंटी-स्मॉग गन ना केवल असुविधाजनक होती हैं, बल्कि प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी वे अप्रभावी साबित हुई हैं। उन्होंने बताया कि ये मशीनें बहुत भारी होती हैं, केवल एक ही दिशा में काम करती हैं और साथ ही बड़ी मात्रा में पानी की खपत भी करती हैं। जबकि मिस्ट स्प्रे सिस्टम वजन में हल्के लेकिन प्रभावी होते हैं, साथ ही इनमें पानी की खपत भी कम होती है।
इस बयान में सीएम गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण को प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने के लिए तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों उपाय लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य प्रदूषण संकट को स्थायी रूप से कम करना है। बयान के अनुसार फिलहाल राजधानी भर के बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मॉल, होटल्स और ऑफिसों की इमारतों (G5 और उससे ऊपर) में लगी 148 एंटी-स्मॉग गन ही चालू स्थिति में हैं। जिसके बाद फिलहाल सरकार मौजूदा नियमों में संशोधन करने पर विचार कर रही है और जल्द ही एंटी स्मॉग गन की जगह मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने की अनुमति देगी।
इस फैसले की वजह बताते हुए सीएम ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में मिस्ट स्प्रे सिस्टम पहले से ही असरदार तरीके से काम कर रहे हैं। इसकी तारीफ करते हुए बयान में उन्होंने बताया कि ये स्प्रे सिस्टम सभी दिशाओं में पानी का छिड़काव करते हैं, साथ ही एक इमारत पर इनकी कई यूनिट्स भी लगाई जा सकती हैं। आगे उन्होंने कहा कि ये वजन में हल्के होने के साथ ही पानी की खपत भी कम करते हैं और पर्यावरण के भी अनुकूल होते हैं, जिससे आसपास के पेड़-पौधों पर भी छिड़काव होने से उन्हें भी फायदा हो जाता है।
इसके अलावा इस बयान में यह जानकारी भी दी गई कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली परिवहन निगम की तरफ से अतिरिक्त ड्राइवरों को नई जिम्मेदारी पर तैनात किया गया है। इस दौरान वे पेट्रोल पंपों पर PUC (प्रदूषण नियंत्रण) की जांच भी कर रहे हैं। सीएम ने बताया कि एक तरफ जहां प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं शहर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए भी काम करते हुए उपाय लागू किए जा रहे हैं। इसके लिए अस्थायी तौर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को 600 अतिरिक्त डीटीसी ड्राइवर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वह शहर में ट्रैफिक को मैनेज करने और राजधानी भर में जाम को कम करने में मदद कर सकें।
इसके साथ ही पूरी दिल्ली में 500 पेट्रोल पंपों पर तीन शिफ्टों में चौबीस घंटे प्रति शिफ्ट 2 डीटीसी ड्राइवरों को प्रदूषण नियंत्रण की जांच करने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को ईंधन भरने से रोकने के लिए तैनात किया गया है। इस काम के लिए कुल 3000 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि बढ़ी हुई निगरानी के कारण निरीक्षण के दौरान लापरवाही बरतने वाले 27 PUC केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।




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