delhi blast investigation was detonator plant in car bonnet 4 big questions क्या कार के बोनट में लगाया गया था डेटोनेटर? दिल्ली धमाके की जांच में 4 बड़े सवाल, Ncr Hindi News - Hindustan
More

क्या कार के बोनट में लगाया गया था डेटोनेटर? दिल्ली धमाके की जांच में 4 बड़े सवाल

दिल्ली के लाल किला के पास कार में हुए धमाके की घटना के दो दिन बीत चुके हैं। इस दौरान चली जांच में कई बड़े अपडेट सामने आए हैं। सामने आए तथ्यों ने 4 अहम सवालों को जन्म दिया है जो छानबीन के केंद्र में हैं।

Wed, 12 Nov 2025 09:11 PMKrishna Bihari Singh हिन्दुस्तान टाइम्स, जिग्नासा सिन्हा/करन प्रताप सिंह, नई दिल्ली
share
क्या कार के बोनट में लगाया गया था डेटोनेटर? दिल्ली धमाके की जांच में 4 बड़े सवाल

दिल्ली के लाल किला के पास कार में हुए धमाके में कई बड़े अपडेट सामने आए हैं। मामले से जुड़ी एक संदिग्ध लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट कार फरीदाबाद जिले के खंदावली में जब्त की गई है। जांच में पता चला है कि विस्फोट में इस्तेमाल हुंदै i20 कार के साथ एक अन्य लाल रंग की कार भी थी। इसमें विस्फोट से जुड़े अन्य संदिग्ध मौजूद रहे हो सकते हैं। धमाके के 2 दिन बाद जांच से सामने आए तथ्यों ने 4 अहम सवालों को जन्म दिया है जो अब जांच टीमों की ओर से की जा रही छानबीन के केंद्र में हैं।

लाल किला ही क्यों?

बड़ा सवाल यह कि धमाके के लिए लाल किले के बाहर व्यस्त चौराहे को ही क्यों चुना गया। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक जांच अधिकारी ने बताया कि उनके पास यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर ने ही लाल किला और चांदनी चौक के आसपास विस्फोट की योजना बनाई थी क्योंकि बड़ी संख्या में लोग इन इलाकों में खरीदारी के लिए आते हैं।

CCTV फुटेज से पता चलता है कि i20 कार लगभग चार घंटे तक इलाके में और उसके आसपास खड़ी रही। कार सुनहरी मस्जिद के पास 3 घंटे से ज्यदा समय तक खड़ी रही। फिर यह दरियागंज और छत्ता रेल कट ट्रैफिक सिग्नल के बीच नेताजी सुभाष मार्ग और शांतिवन रोड पर चलती रही। विस्फोट से लगभग 10 मिनट पहले कार नेताजी सुभाष मार्ग पर एक प्रसिद्ध मंदिर के पास कुछ देर के लिए रुकी भी थी।

अधिकारी ने बताया कि हम इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं कि कार चला रहे संदिग्ध ने पहले मंदिर के आसपास विस्फोट करने की कोशिश की होगी। यह भी संभावना है कि उमर ने मंदिर के पास गाड़ी रोकी हो लेकिन नो-पार्किंग जोन होने के कारण उसे आगे बढ़ना पड़ा हो। ऐसा भी हो सकता है कि उसके रुकने से सुरक्षा और यातायात कर्मियों का ध्यान आकर्षित हुआ हो जिससे वह घबरा कर आगे बढ़ गया हो।

धमाका सुनियोजित था या आकस्मिक?

क्या यह विस्फोट किसी सोची-समझी योजना का नतीजा था या किसी हताशा में किया गया कृत्य? जांच अधिकारी 3 संभावनाओं 1- पूर्व नियोजित हमला, 2- घबरा कर विस्फोट, 3- किसी अस्थिर उपकरण के कारण आकस्मिक विस्फोट… पर जांच कर रहे हैं। जांच से वाकिफ एक दूसरे वरिष्ठ अधिकारी ने बताया- हम यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या विभिन्न राज्यों में उसके साथियों की गिरफ्तारियों से दहशत फैल गई थी, जिसके चलते उमर विस्फोटक लेकर भाग गया। इस योजना का खुलासा शायद कभी न हो क्योंकि मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर संभवत: विस्फोट में मारा गया।

क्या कार के बोनट में था डेटोनेटर?

एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती फोरेंसिक विश्लेषण से पता चलता है कि डेटोनेटर संभवतः कार के बोनट के अंदर छिपाया गया था। रविवार रात को फरीदाबाद के सीसीटीवी फुटेज में दिख रही उमर की कार सामान्य दिख रही थी लेकिन दोपहर में धमाके से कुछ घंटे पहले सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में कार का बोनट आंशिक रूप से बंद दिखाई दिया। इससे संदेह जाता है कि विस्फोटक कार के बोनट में ही छिपाया गया हो सकता है।

गाड़ी में कौन था?

पहले कहा गया था कि गाड़ी में दो लोग थे लेकिन ताजा सबूत इशारा करते हैं कि धमाके के दौरान उमर अकेला ही उसमें सवार था। कार जब फरीदाबाद से दिल्ली पहुंची तो वह अकेला था। एक अधिकारी ने बताया कि डॉ. उमर को 29 अक्टूबर को फरीदाबाद सेक्टर 37 स्थित एक प्रदूषण जांच केंद्र पर दो लोगों के साथ देखा गया था। जांचकर्ता अब उन दो लोगों की पहचान करने में जुटे हैं। पता लगाया जा रहा है कि क्या विस्फोट बनाने या उमर को भागने में मदद करने में उनकी कोई भूमिका थी। इस बारे में कुछ सुराग मिले हैं जिनकी पुष्टि की जा रही है।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।