दिल्ली विधानसभा ने बदल दिया फांसी घर का नाम, अब इस नाम से पहचाना जाएगा
इससे पहले अध्यक्ष ने सदन को बताया था कि जिस ढांचे का 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल ने 'फांसी घर' (फांसी कक्ष) के रूप में जीर्णोद्धार और उद्घाटन किया था, वह रिकॉर्ड के अनुसार वास्तव में एक 'टिफिन रूम' था। ऐसे दो कमरे हैं।

दिल्ली विधानसभा ने शुक्रवार को तथाकथित 'फांसी घर' का नाम बदलकर 'टिफिन रूम' कर दिया। इससे एक दिन पहले स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा था कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के दावे के अनुसार ऐसा कुछ नहीं है। गुप्ता ने गुरुवार को कहा था कि इस मामले को गहन जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाएगा, जो पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य को तलब करेगी।
गुप्ता ने यह भी कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि केजरीवाल और अन्य के नाम वाली आधारशिला पट्टिका हटा दी जाए। एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को 'फांसी घर' का नाम बदलकर 'टिफिन रूम' कर दिया गया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के नाम वाली पट्टिका भी समय आने पर हटा दी जाएगी।
अध्यक्ष ने पहले सदन को बताया था कि जिस ढांचे का 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल ने 'फांसी घर' (फांसी कक्ष) के रूप में जीर्णोद्धार और उद्घाटन किया था, वह रिकॉर्ड के अनुसार वास्तव में एक 'टिफिन रूम' था। ऐसे दो कमरे हैं।
उन्होंने बुधवार को विधानसभा परिसर का 1912 का नक्शा दिखाते हुए कहा था कि ऐसा कोई दस्तावेज या साक्ष्य नहीं है जो यह दर्शाता हो कि इस स्थान का इस्तेमाल फांसी देने के लिए किया गया था। गुरुवार को इस मामले पर निर्देश देते हुए गुप्ता ने कहा कि उन्होंने मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है।
उन्होंने कहा, ‘समिति पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को तलब करेगी।’ गुप्ता ने अपने आरोप दोहराए कि ‘फांसी घर’ के नाम पर झूठ फैलाया गया और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा ‘फांसी घर’ के उद्घाटन की जांच का निर्देश विशेषाधिकार समिति को दिये जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को इस फैसले की आलोचना करते हुए सवाल किया था कि क्या विधायक इस तरह के ऐतिहासिक मामले पर विचार-विमर्श करने के योग्य हैं।




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