दिल्ली के 12 अस्पतालों को बड़ी राहत, CCI ने बंद किए 10 साल पुराने मामले
कंपटीशन कमिशन ने राष्ट्रीय राजधानी के 12 अस्पतालों के खिलाफ दस साल से ज्यादा समय से चल रहे मामले को बंद कर दिया है। 12 अलग-अलग आदेशों में आयोग इस फैसले पर पहुंचा कि अस्पतालों की तरफ से दुरुपयोग करने के सबूत नहीं मिले हैं।

कंपटीशन कमिशन ने राष्ट्रीय राजधानी के 12 अस्पतालों के खिलाफ दस साल से ज्यादा समय से चल रहे मामले को बंद कर दिया है। 12 अलग-अलग आदेशों में आयोग इस फैसले पर पहुंचा कि अस्पतालों की तरफ से दुरुपयोग करने के सबूत नहीं मिले हैं। यह मामला अस्पतालों द्वारा कथित तौर पर ज्यादा कीमतें वसूलने, अधिक लाभांश कमाने और मानकों का पालन नहीं करने के आरोपों से जुड़ा था।
जानकारी के अनुसार, नवंबर 2015 में 12 अस्पतालों की शिकायत आयोग से की गई थी। आयोग ने इसकी जांच अपने महानिदेशक (डीजी) को सौंपी। अगस्त 2018 में इस मामले में पूरक जांच का भी आदेश दिया गया था। सितंबर 2024 में डीजी ने 12 पूरक जांच रिपोर्ट सौंपी।
इन रिपोर्टों में इस्तेमाल चीजों, दवाओं और इस्तेमाल उपकरणों की कीमतों सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया था। इन रिपोर्टों की समीक्षा के बाद आयोग ने अपने आदेश में कहा कि डीजी द्वारा पूरक जांच में निकाले गए निष्कर्ष सबूतों के आधार पर साबित नहीं होते हैं।
आयोग ने मामला बंद करने के आदेश में अपनी टिप्पणी में कहा, ‘मुद्दा यह है कि क्या किसी उत्पाद की कीमत अपने आप में अनुचित है या उसे तब अनुचित माना गया, जब उसकी तुलना बाजार में मौजूद दूसरे प्रतिस्पर्धी उत्पाद से की गई। डीजी ने यूनाइटेड ब्रांड्स (सुप्रा) मामले में तय कानूनी मानकों का पालन नहीं किया और गलती से ज्यादा कीमत को ही अनुचित मान लिया। निर्धारित दो परीक्षणों में कोई भी सिद्ध नहीं हो सका।’
इन बड़े अस्पतालों को मिली राहत
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल साकेत, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शालीमार, बीएलके मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल नई दिल्ली, मैक्स मल्टी स्पेशलिटी सेंटर पंचशील पार्क, मैक्स मल्टी स्पेशलिटी सेंटर पीतमपुरा, फोर्टिस फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढल्ल हॉस्पिटल वसंत कुंज, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर लिमिटेड नई दिल्ली, सर गंगा राम हॉस्पिटल नई दिल्ली, इंद्रप्रस्थ मेडिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल), सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल दिल्ली और चौधरी ऐशीराम बत्रा पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट का बत्रा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर नई दिल्ली।
डीजी की रिपोर्ट पर फैसला
आयोग का फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आयोग के ही महानिदेशक (डीजी) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कथित तौर पर उल्लंघन की पुष्टि का निष्कर्ष दिया गया था। बता दें कि जिन मामलों में प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों के प्राथमिक संकेत मिलते हैं, उन्हें विस्तृत जांच के लिए डीजी के पास भेजा जाता है।.




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