CBI files caveats in Supreme Court in Kejriwal and Sisodia SLP against Delhi HC order in Excise Case CBI भी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, केजरीवाल और सिसोदिया की याचिकाओं पर 3 कैविएट दायर की, Ncr Hindi News - Hindustan
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CBI भी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, केजरीवाल और सिसोदिया की याचिकाओं पर 3 कैविएट दायर की

सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल, आप नेता मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिकाओं के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में तीन कैविएट आवेदन दायर किए हैं। आप नेताओं की याचिकाओं में आबकारी नीति मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी गई है और मामले को ट्रांसफर करने की मांग की गई है।

Fri, 20 March 2026 04:12 PMSubodh Kumar Mishra एएनआई, नई दिल्ली
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CBI भी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, केजरीवाल और सिसोदिया की याचिकाओं पर 3 कैविएट दायर की

सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आप नेता मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिकाओं (एसएलपी) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में तीन कैविएट आवेदन दायर किए हैं। आप नेताओं की याचिकाओं में आबकारी नीति मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी गई है और मामले को दूसरे बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की गई है।

सीबीआई ने यह सुनिश्चित करने के लिए आपत्तियां दायर की हैं कि सुप्रीम कोर्ट उसकी सुनवाई किए बिना कोई आदेश पारित न करे। इस प्रकार की याचिकाएं आमतौर पर तब दायर की जाती हैं जब कोई पक्ष किसी मामले की तत्काल सुनवाई की आशंका रखता है और अंतरिम निर्देश जारी होने से पहले अपना पक्ष पेश करने का अवसर पाना चाहता है।

जानकारी के अनुसार, एजेंसी द्वारा तीन अलग-अलग आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। फिलहाल, केजरीवाल और अन्य द्वारा दायर की गई एसएलपी सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर 'अंडर डिफेक्ट' यानी दोषपूर्ण के रूप में दिखाई दे रही हैं। इसका अर्थ है कि मामले को औपचारिक रूप से सूचीबद्ध किए जाने से पहले कुछ प्रक्रियात्मक अनुपालन अभी बाकी हैं।

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संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर अपनी याचिकाओं में केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आरोपियों ने दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ से कार्यवाही को ट्रांसफर करने की मांग की है। याचिका में न्यायाधीश शर्मा द्वारा पिछली सुनवाइयों, विशेष रूप से आबकारी नीति मामले से जुड़े जमानत मामलों में की गई कुछ टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पिछली कार्यवाही में की गई प्रथम दृष्टया एकतरफा टिप्पणियों से भविष्य की सुनवाइयों की निष्पक्षता के बारे में आशंका पैदा होती है।

उन्होंने हाल ही में हुए एक घटनाक्रम का भी हवाला दिया है। सीबीआई की उस अपील की सुनवाई करते हुए जिसमें निचली अदालत के सभी आरोपियों को बरी करने के आदेश को चुनौती दी गई थी, न्यायाधीश ने निचली अदालत में ईडी की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।

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सुप्रीम कोर्ट जाने का यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय द्वारा प्रशासनिक आधार पर मामले को ट्रांसफर करने से इनकार करने के बाद उठाया गया है। अपने पत्र में मुख्य न्यायाधीश उपाध्याय ने कहा कि मामला रोस्टर के अनुसार आवंटित किया गया था। इसे ट्रांसफर करने का कोई आधार नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि मामले से खुद को अलग करने का निर्णय संबंधित न्यायाधीश पर निर्भर करता है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि याचिका वर्तमान रोस्टर के अनुसार न्यायाधीश को सौंपी गई है। किसी भी प्रकार के मामले से अलग होने का निर्णय माननीय न्यायाधीश द्वारा लिया जाना है। हालांकि, मुझे प्रशासनिक पक्ष से आदेश पारित करके याचिका को ट्रांसफर करने का कोई कारण नहीं दिखता।

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दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति का मामला अब रद्द हो चुकी उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इसकी जांच सीबीआई और ईडी कर रहे हैं। केजरीवाल और सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को आरोपी बनाया गया है।

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