बृजभूषण सिंह की मुश्किलें खत्म नहीं हुईं, पहलवान यौन उत्पीड़न मामले में जारी रहेगा ट्रायल- HC
कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं है और ट्रायल जारी रहेगा। इस तरह बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट में महिला पहलवानों की ओर से दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न मामले में भाजपा के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं है और ट्रायल जारी रहेगा। इस तरह बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने गुरुवार को बृजभूषण सिंह की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और आरोपों को रद्द करने की मांग की है। अदालत ने इस याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय करते हुए निचली अदालत का रिकॉर्ड भी तलब किया है।
सुनवाई के दौरान सिंह की ओर से मुख्य वकील की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए स्थगन का अनुरोध किया गया। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि याचिका दाखिल होने के बावजूद अब तक उस पर जिरह क्यों नहीं की गई। अदालत ने कहा कि बार-बार तारीख लेने का कोई औचित्य नहीं है।
इसके जवाब में बचाव पक्ष ने भरोसा दिलाया कि अगली सुनवाई पर मामले में बहस की जाएगी। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि निचली अदालत की कार्यवाही पर किसी तरह का कोई स्थगन नहीं है। ट्रायल कोर्ट अपने स्तर पर आगे की कार्रवाई जारी रख सकता है।
गौरतलब है कि बृजभूषण सिंह ने वर्ष 2024 में हाईकोर्ट का रुख करते हुए दावा किया था कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है और जांच एकतरफा तरीके से की गई। निचली अदालत ने 21 मई 2024 को उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से जुड़े आरोप तय किए थे। इस केस में सह-आरोपी विनोद तोमर पर भी धमकी का आरोप है।




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