चांदनी चौक रीडेवलपमेंट में गड़बड़ी की विस्तृत जांच हो, BJP ने सरकार से की मांग
दिल्ली के चांदनी चौक रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा गड़बड़ी की ओर इशारा करने के बाद भाजपा ने इस मामले की जांच की मांग उठा दी है।

दिल्ली के चांदनी चौक रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा गड़बड़ी की ओर इशारा करने के बाद भाजपा ने इस मामले की जांच की मांग उठा दी है। भाजपा ने रविवार को इस मामले की विस्तृत जांच की मांग की, जिसमें शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एसआरडीसी) की भी जांच शामिल हो।पार्टी ने एसआरडीसी को भंग करने और उसके 10 वर्षों के संचालन का पूर्ण ऑडिट कराने की मांग की है।
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता और चांदनी चौक नागरिक मंच के महासचिव प्रवीण शंकर कपूर ने कहा, "अफसरों ने चांदनी चौक को हमेशा एक मुगलकालीन शहर ही समझा है, उसकी व्यावसायिक पहचान को कभी समझा या सराहा नहीं। हकीकत को नजरअंदाज करते हुए, इन अफसरों ने बार-बार चांदनी चौक को सिर्फ एक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाएं प्रस्तावित की हैं और अक्सर मुख्यमंत्रियों को अव्यावहारिक योजनाओं को मंजूरी देने के लिए राजी किया है।''
भाजपा नेता ने दावा किया कि 2015 में आम आदमी पार्टी (आप) के सत्ता में आने के बाद ‘आप’ सरकार ने चांदनी चौक के निवासियों और व्यापारियों को समझे या उनसे बात किए बिना ही विकास और सौंदर्यीकरण परियोजनाएं बनानी शुरू कर दीं।
कपूर ने आगे कहा, “2018-19 में स्थानीय व्यापारिक संगठनों और चांदनी चौक नागरिक मंच के विरोध के बावजूद, तत्कालीन विधायक अलका लांबा ने नौकरशाहों द्वारा तैयार पुनर्विकास परियोजना को आगे बढ़ाया और एसआरडीसी से इसे लागू करवाया।”
अरविंद केजरीवाल ने बतौर मुख्यमंत्री 2021 में 1.3 किलोमीटर लंबे पुनर्विकसित खंड का उद्घाटन किया था। तब इस परियोजना लागत शुरुआती अनुमान 65.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 145 करोड़ रुपये हो गई। पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों की शुरुआती अनुमानित लागत 27.79 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 105.93 करोड़ रुपये हो गई।
एसआरडीसी के अधिकारियों ने आरोपों पर टिप्पणी के लिए एचटी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।




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