Barapullah Phase-3 to take 15 more months, cost escalates by Rs 374 Crore बरापुला फेज-3 का इंतजार और लंबा हुआ, लागत 374 करोड़ रुपये बढ़ी; कितना समय लगेगा?, Ncr Hindi News - Hindustan
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बरापुला फेज-3 का इंतजार और लंबा हुआ, लागत 374 करोड़ रुपये बढ़ी; कितना समय लगेगा?

Barapullah Phase-3 News: अब जब इसके निर्माण की अंतिम तिथि बढ़ी है, तो जाहिर सी बात है कि इसकी लागत भी बढेगी। जानकारी के मुताबिक, लंबे समय से अटकी इस परियोजना की लागत में 374 करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई है।

Wed, 14 Jan 2026 06:26 PMRatan Gupta पीटीआई, नई दिल्ली
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बरापुला फेज-3 का इंतजार और लंबा हुआ, लागत 374 करोड़ रुपये बढ़ी; कितना समय लगेगा?

Barapullah Phase-3 News: बारापुला फेज-3 का काम और लंबा खिच गया है। जी हां, आपने सही पढ़ा। 2015 से बन रहे इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन को सरकार ने एक बार फिर बढ़ा दिया है। इसकी शुरूआती डेडलाइन 2017 थी, जो बढ़ाकर 2027 कर दी गई है। अब जब इसके निर्माण की अंतिम तिथि बढ़ी है, तो जाहिर सी बात है कि इसकी लागत भी बढेगी। जानकारी के मुताबिक, लंबे समय से अटकी इस परियोजना की लागत में 374 करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई है।

प्रोजेक्ट पूरा होने में 15 महीने और लगेंगे

लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दिल्ली सरकार को बताया है कि परियोजना में हुई देरी और लागत में बढ़ोतरी ऐसे कारणों से हुई, जो विभाग के नियंत्रण से बाहर थे। यह परियोजना सराय काले खां से मयूर विहार को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है।

समय और लगात दोनों का खर्च बढ़ा

लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन अंतिम चरण को पूरा करने के लिए अभी और 15 महीने की जरूरत होगी। हाल ही में हुई व्यय एवं वित्त समिति (EFC) की बैठक में सरकार को बताया गया कि परियोजना की कुल लागत अब 1653.03 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। पहले इसका अनुमानित खर्च 1,260.63 करोड़ रुपये था।

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इस कारण प्रोजेक्ट समय पर नहीं हुआ पूरा

EFC बैठक के मिनट्स के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण में देरी और हाई टेंशन बिजली लाइनों को शिफ्ट करने जैसी बाधाओं के कारण परियोजना तय समय पर पूरी नहीं हो सकी। इन अड़चनों के चलते मामला मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) तक पहुंचा, जिसमें निर्माण एजेंसी के पक्ष में फैसला आया और इससे लागत में और इजाफा हुआ।

दिल्ली सरकार के अनुसार, मध्यस्थता में ठेकेदार को 120 करोड़ रुपये का अवॉर्ड दिया गया था। जब यह भुगतान रोका गया, तो निर्माण कंपनी ने हाईकोर्ट का रुख किया। मई 2023 में हाईकोर्ट ने PWD को ब्याज और जीएसटी सहित 175 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया, जिसे तत्कालीन PWD मंत्री आतिशी के कार्यकाल में अदा किया गया।

रेखा सरकार ने दिए थे जांच के आदेश

गौरतलब है कि जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच के आदेश दिए थे। इसके तहत कानून विभाग से आर्बिट्रेशन अवॉर्ड और अन्य पहलुओं पर राय मांगी गई थी। अब दिल्ली सरकार ने PWD को निर्देश दिया है कि वह लागत बढ़ोतरी को समायोजित करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी हेतु एक नया और व्यापक प्रस्ताव तैयार करे।

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