avadh ojha takes uturn after bjp win in west bengal अवध ओझा पश्चिम बंगाल पर कर गए जल्दबाजी, 24 घंटे में ही लेना पड़ा यूटर्न, Ncr Hindi News - Hindustan
More

अवध ओझा पश्चिम बंगाल पर कर गए जल्दबाजी, 24 घंटे में ही लेना पड़ा यूटर्न

आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और मशहूर कोचिंग शिक्षक अवध ओझा को पूरी उम्मीद थी कि पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी की जीत होगी। उन्होंने टीएमसी और ममता बनर्जी को अग्रिम बधाई दे दी थी, लेकिन नतीजे आए तो यूटर्न लेना पड़ा।

Tue, 5 May 2026 08:04 AMSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
अवध ओझा पश्चिम बंगाल पर कर गए जल्दबाजी, 24 घंटे में ही लेना पड़ा यूटर्न

आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता और मशहूर शिक्षक अवध ओझा पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों को लेकर जल्दबाजी कर गए। ओझा को पूरा विश्वास था कि पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी की सरकार बनेगी। वह इस बात को लेकर इतने आश्वास्त थे कि उन्होंने ममता बनर्जी को बधाई भी दे दी। हालांकि, 24 घंटे के भीतर यूटर्न लेते हुए उन्हें अपनी बधाई भाजपा को भेजनी पड़ी।

सोमवार को जब पश्चिम बंगाल में नतीजे आए तो 15 साल से सत्ता पर काबिज टीएमसी को विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला। भाजपा 207 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही तो टीएमसी 80 (79 पर जीत, एक पर बढ़त) सीटों पर सिमट गई। पहली बार बंगाल में कमल खिलने पर भाजपा गदगद है तो राजनीतिक जानकार उसकी रणनीतियों का विश्लेषण करनें जुटे हैं। 10 साल पहले महज 3 सीट जीतने वाली भाजपा ने अगले दो चुनाव में खुद को इतनी तेजी से स्थापित किया कि विपक्षी दल भी हैरान रह गए।

टीएमसी की तरह कई विपक्षी नेताओं और अवध ओझा को पूरी आशा थी कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बन पाएंगी। हालांकि, वे जनता के मूड को भांप नहीं पाए। अवध ओझा ने वोटों की गिनती से एक दिन पहले ही ना सिर्फ ममता को बधाई दी बल्कि यहां तक कह दिया कि पीएम मोदी को दीदी की कीमत पता है। उन्होंने लिखा, ‘TMC और ममता दीदी को बंगाल के विजय की अग्रिम बधाई। मोदीजी को ममता दीदी की कीमत पता हैं। जय हिंद’

सरकारों को बदलते रहना चाहिए: अवध ओझा

पढ़ाने के अपने खास अंदाज और वाक शैली के लिए मशहूर अवध ओझा को काउंटिंग के दिन अपनी बधाई का रुख मोड़ना पड़ा। 23 घंटे पहले ममता की जीत सुनिश्चित करने वाले ओझा ने अब ज्ञान दिया कि जनता को सरकारों को बदलते रहना चाहिए। भाजपा की जीत की खबर पर ओझा ने लिखा, ‘बंगाल जीतने पर बीजेपी को बधाई। ऐसे ही देश कि जनता को सरकारों को बदलते रहना चाहिए। जय हिन्द।’

अवध ओझा

राजनीति से हटने के बाद भी इसमें खूब दिलचस्पी लेते हैं ओझा

अक्सर अपने अंदाज में छात्रों को राजनीति समझाने वाले अवध ओझा ने खुद भी इसमें एक छोटी पारी खेली है। वह दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल की पार्टी में शामिल हुए और मनीष सिसोदिया की खाली हुई सीट पटपड़गंज से चुनाव भी लड़े। लेकिन अपने पहले ही चुनाव में हार मिलने के बाद उन्होंने राजनीति को अलविदा कह दिया और दोबारा कोचिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हालांकि, वह अक्सर राजनीतिक टिप्पणियां भी करते हैं।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।