अरविंद केजरीवाल फांसी घर मामले में आज विधानसभा समिति के सामने होंगे पेश, आतिशी बोलीं- हिम्मत है तो…
फांसीघर मामले में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होंगे। इस पेशी को लेकर आप की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सरकार को चुनौती दी।

फांसीघर मामले में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होंगे। इस पेशी को लेकर आप की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सरकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत है तो इसे लाइव स्ट्रीम किया जाए, ताकि जनता सच जान सके।
आतिशी ने बताया कि रामनिवास गोयल के स्पीकर बनने के बाद विधानसभा के बंद कई कमरे खोले गए और उनमें से एक कमरे के पीछे सुरंग से जुड़ा रास्ता मिला। ब्रिटिश भारत के दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि मौजूदा विधानसभा में उस समय मजिस्ट्रेट कोर्ट था, जहां फैसलों के बाद कैदियों को रखा जाता था। आतिशी ने कहा कि जनता की सुरक्षा, ऐतिहासिक सत्य और दिल्लीवासियों के अधिकारों के लिए सरकार को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने समस्याओं पर भी भाजपा सरकार की आलोचना की।
उधर, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी को ‘फांसी घर’ जांच पर मीडिया में बयान देने के लिए आधिकारिक तौर पर आगाह किया। उन्होंने कहा कि साक्ष्य केवल समिति में औपचारिक रूप से प्रस्तुत किए जाएं।
ऐतिहासिक सत्य को छुपा रही है भाजपा- आतिशी
आतिशी ने दावा किया कि आप सरकार के दौरान दिल्ली विधानसभा के नवीनीकरण में एक गुप्त कमरा मिला, जिसमें रस्सियां, कांच की गोलियां, जूते और कपड़े रखे थे। उनका कहना है कि यह ब्रिटिश भारत के समय के गुप्त फांसी घरों में से एक था, जहां स्वतंत्रता सेनानियों को गैर-न्यायिक तरीके से सजा दी जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अभी भी अंग्रेजी हुकूमत के पक्ष में खड़ी है और इस ऐतिहासिक सत्य को छुपा रही है।
आम आदमी पार्टी का झूठ उजागर- सचदेवा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आप पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पुराने सचिवालय में फांसीघर का दावा और अरविंद केजरीवाल का झूठ पहले ही उजागर हो चुका है। सचदेवा ने बताया कि लाइव स्ट्रीमिंग की मांग सिर्फ राजनीतिक प्रचार है और इसका कोई संवैधानिक औचित्य नहीं। आप नेताओं को स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत का अपमान करने से पहले कांग्रेस से पूछना चाहिए कि 1947-2013 तक फांसीघर क्यों नहीं मिला।




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