कहीं सुनी है इस तरह की नौटंकी; नीट पर केंद्र सरकार के किस फैसले पर भड़क उठे अरविंद केजरीवाल; लोगों से एक अपील
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार ने वायुसेना से केवल लॉजिस्टिक सहायता मांगी है, ताकि देशभर में पेपर की सुरक्षित और समयबद्ध ढुलाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सेना परीक्षा आयोजित करने में किसी प्रकार की भूमिका नहीं निभाएगी।

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार अगले महीने दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले पेपरों को सुरक्षित ट्रांसपोर्ट के लिए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की सेवाएं लेने की तैयारी कर रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार ने वायुसेना से केवल लॉजिस्टिक सहायता मांगी है, ताकि देशभर में पेपर की सुरक्षित और समयबद्ध ढुलाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सेना परीक्षा आयोजित करने में किसी प्रकार की भूमिका नहीं निभाएगी।
इस फैसले पर अब आम आगमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इसे सरकार की नौटंकी करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज में कहा कि सरकार ने फैसला लिया है कि नीट के पेपर को लीक होने से बचाने के लिए एयरफोर्स के जहाज और बुलेटप्रूज ट्रकों से ट्रांसपोर्ट करेंगे। उन्होंने कहा, कही सुनी है इस तरह की नौटंकी। मजाक बना रखा है। हमें बेवकूफ समझ रखा है।
लोगों से क्या की अपील?
उन्होंने आगे कहा, इस सरकार को केवल नौटंकी करनी आती है। सिर्फ ये दिखाने के लिए कि हमनें कितना बड़ा कदम उठा लिया, वह ये कर रहे हैं। उनका सिस्टम को ठीक करने का कोई इरादा नहीं है। अगर कोई अच्छी नियत वाली सरकार होती तो वो इस बात का पता लगाती कि पेपर लिंक कहां से हो रहे हैं? ये जाहिर तौप पर सिस्टम को बचाने की कोशिश की जा रही है। पेपर लीक जारी रहेगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा, हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को बहुत बड़े माफिया ने अपनी जकड़ में ले लिया है। सबको मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी। अकेले किसी के कुछ करने से नहीं होगा।
इससे पहले एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि परीक्षा कराने के लिए एयरफोर्स की जरूरत नहीं है। रक्षा मंत्रालय के साथ हमारी चर्चा केवल एक विशेष लॉजिस्टिक चुनौती को लेकर हुई, क्योंकि 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से पहले हमारे पास समय बहुत कम है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर पेपर का ट्रांसपोर्ट डाक विभाग के जरिए किया जाता है लेकिन हालिया सुरक्षा चूक और मानसून के दौरान समय पर डिलीवरी को लेकर उठी चिंताओं के कारण सरकार ने इस व्यवस्था पर विचार किया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले की परीक्षाओं में भी कई सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू थे और अब निगरानी व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "पेपर की छपाई और डिस्पैच से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और फिर मूल्यांकन केंद्रों तक भेजने की पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में होगी। गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था।




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